Navratri Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र और खास भोग

आज 17 अक्टूबर को नवरात्रि का सातवां दिन है. इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. जानें पूजा विधि, मंत्र, प्रिय भोग, शुभ रंग और पौराणिक कथा.

Navratri Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र और खास भोग

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आज शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है. 17 अक्टूबर, शनिवार को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है. मां कालरात्रि का स्वरूप भले ही उग्र और भयावह दिखाई देता है, लेकिन भक्तों के लिए उन्हें शुभ फल प्रदान करने वाली देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की आराधना से भय और नकारात्मकता पर विजय पाने का साहस मिलता है. देवी को शुभ फल देने वाली होने के कारण 'शुभंकरी' भी कहा जाता है. नवरात्रि के इस पावन अवसर पर भक्त मां की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना करते हैं. आइए जानते हैं मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, प्रिय भोग, शुभ रंग और उनकी पौराणिक कथा.

मां कालरात्रि का स्वरूप कैसा है?

मां कालरात्रि नवदुर्गा का सातवां स्वरूप हैं. धार्मिक ग्रंथों में उनके स्वरूप को अत्यंत शक्तिशाली बताया गया है. उनका रंग घने अंधकार के समान काला है और उनके बाल खुले हुए हैं. गले में विद्युत के समान चमकने वाली माला तथा तीन नेत्र उनके स्वरूप की प्रमुख विशेषताएं हैं. मान्यता है कि देवी की सांसों से अग्नि की लपटें निकलती हैं. उनका वाहन गर्दभ यानी गधा है. माता के चार हाथों में से दो हाथ अभय और वर मुद्रा में रहते हैं, जबकि अन्य हाथों में अस्त्र धारण किए हुए हैं. उनका यह स्वरूप बुरी शक्तियों के विनाश और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है.

मां कालरात्रि की पूजा विधि

नवरात्रि के सातवें दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई कर गंगाजल छिड़कें और मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. माता के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद देवी को रोली, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें. धूप-दीप दिखाकर मां के मंत्रों का जाप करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाना शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कर सकते हैं. अंत में माता की आरती करें और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की प्रार्थना करें.

मां कालरात्रि का पूजा मंत्र

मां कालरात्रि की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जा सकता है.

ॐ कालरात्र्यै नमः।

इसके अलावा मां कालरात्रि के ध्यान के लिए इस मंत्र का पाठ भी किया जाता है.

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।

वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

मां कालरात्रि का प्रिय भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ प्रिय माना जाता है. इस दिन माता को गुड़, गुड़ से बनी मिठाई, गुड़ का हलवा या अन्य पारंपरिक मिठाइयों का भोग लगाया जा सकता है. भोग अर्पित करते समय पूजा की शुद्धता और श्रद्धा का ध्यान रखें. पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं में बांट सकते हैं.

नवरात्रि के सातवें दिन का शुभ रंग और फूल

नवरात्रि के सातवें दिन नीला रंग पहनना शुभ माना जाता है. इसे स्थिरता, शक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. मां कालरात्रि की पूजा में चमेली के फूल अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार गुड़हल या अन्य सुगंधित फूल भी माता को चढ़ा सकते हैं.