टीएनपी डेस्क (TNP DESK):सावन का पावन महीना 30 जून 2026 से शुरू हो रहा है. ऐसे में इस महीने में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लोग जलार्पण के साथ कई विधियों से पूजा करते हैं, ताकि भगवान उनसे प्रसन्न हों. क्योंकि पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ की आराधना करने और जलाभिषेक करने से सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में हम कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का पुण्य मिलने की बजाय भगवान भोलेनाथ हमसे नाराज भी हो सकते हैं. इसलिए आज हम आपको बताने वाले हैं कि सावन के महीने में या भगवान भोलेनाथ की पूजा के समय किन चीजों को चढ़ाना शुभ होता है और किन चीजों को चढ़ाने की मनाही होती है.

ये चीज़ें भोलनाथ को हैं पसंद
आपको बता दें कि भगवान भोलेनाथ को गंगाजल और स्वच्छ जल काफी प्रिय है. यही कारण है कि लोग भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलार्पण करते हैं. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जलार्पण के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जल पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ होना चाहिए. इसके साथ ही तीन पत्तियों वाला बेलपत्र भी शुभ माना जाता है, लेकिन टूटा-फूटा या खंडित बेलपत्र नहीं चढ़ाना चाहिए. इसके अलावा धतूरा और आक के फूल भी भगवान भोलेनाथ को काफी प्रिय हैं. इसलिए यदि आप इन्हें जलार्पण के समय चढ़ाते हैं तो भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. सफेद फूलों में चमेली, कनेर या अन्य कोई भी सफेद फूल चढ़ाया जा सकता है.

इन चीजों को भूलकर भी शिवलिंग पर चढ़ाना नहीं चाहिए
वहीं कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर बिल्कुल भी नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से पूजा का उल्टा फल मिल सकता है. शिवलिंग पर हल्दी भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए. तुलसी के पत्ते भगवान शिव को अर्पित नहीं किए जाते हैं. इसके साथ ही केवड़ा यानी केतकी का फूल भी भगवान भोलेनाथ को चढ़ाने की मनाही होती है और इसे पूरी तरह वर्जित माना जाता है. इसके अलावा बासी, टूटे-फूटे या मुरझाए हुए फूल और बेलपत्र भी नहीं चढ़ाने चाहिए. यदि आप पूजा के समय क्रोध करते हैं, अपशब्द बोलते हैं या नकारात्मक विचार रखते हैं, तो भी ऐसा नहीं करना चाहिए.

