सरकारी नौकरी के लालच में बेटी ने अपनी ही मां की चढ़ा दी बली, रची ऐसी साजिश सुनकर कांप जाएगी रूह

सरकारी नौकरी के लालच में बेटी ने अपनी ही मां की चढ़ा दी बली, रची ऐसी साजिश सुनकर कांप जाएगी रूह

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): दुनिया में मां और बच्चे के रिश्ते को सबसे निश्चल और सबसे प्यारा माना गया है. पर इन दिनों अखबारों से लेकर चैनलों तक, हर जगह इस खबर की खूब चर्चा हो रही है जहाँ एक बेटी ने अपनी ही मां के साथ ऐसा जघन्य अपराध किया है जिसने मां की ममता को ही तार-तार कर दिया है. सुनने में यह किसी कहानी सी लगेगी, पर यह कोई काल्पनिक घटना नहीं बल्कि सच्ची घटना है. 

दरअसल मला राजस्थान की राजधानी जयपुर का है जहां आरोप लगे हैं कि सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने की लालच में एक युवती ने अपनी ही मां की हत्या की साजिश रच डाली. पुलिस जांच में सामने आया है कि 23 वर्षीय आयुषी शर्मा ने कथित तौर पर सुपारी देकर अपनी विधवा मां नीरज शर्मा की हत्या करवा दी और पूरी वारदात को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच ने इस कथित साजिश का पर्दाफाश कर दिया.

पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती ने अपनी मां की हत्या को 'हिट एंड रन' दुर्घटना साबित करने की योजना बनाई थी. बताया जा रहा है कि 4 जुलाई को नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे के साथ फिजियोथेरेपी के लिए गई थीं. इसी दौरान आयुषी ने उन्हें जरूरी काम का हवाला देकर घर बुलाया. लौटते समय पहले से घात लगाए हमलावरों ने कथित तौर पर स्कॉर्पियो से उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. जांच में यह भी सामने आया कि घटना से करीब एक महीने पहले भी नीरज शर्मा को घर के बाहर थार वाहन से कुचलने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बाल-बाल बच गई थीं. इसके बाद उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हो गई थी. उन्होंने अपने घर में सुरक्षा बढ़ाते हुए सीसीटीवी कैमरे लगवाए और बाहर निकलना कम कर दिया था.

पुलिस जांच के मुताबिक, जब नीरज शर्मा घर से बाहर निकलना बंद कर चुकी थीं, तब उन्हें बाहर लाने के लिए कथित तौर पर नींबू-मिर्च, सिंदूर और जलता हुआ नारियल घर के बाहर रखा जाने लगा, ताकि वह बाहर आएं और उन पर हमला किया जा सके. करीब एक साल पहले नीरज शर्मा के पति और अदालत में एलडीसी पद पर कार्यरत विजय वशिष्ठ शर्मा का निधन हो गया था. इसके बाद अनुकंपा नियुक्ति का सवाल उठा. शुरुआत में बेटी नौकरी करना चाहती थी, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों और दिव्यांग बेटे की देखभाल को देखते हुए नीरज शर्मा ने खुद नौकरी स्वीकार कर ली. पुलिस का दावा है कि इसी फैसले से नाराज होकर आयुषी ने मां की हत्या की योजना बनाई.

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों को भरोसा दिलाया था कि मां की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति, जयपुर के मकानों और करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर अधिकार मिल जाएगा. इसी लालच में पूरी साजिश रची गई. पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. जांच के दौरान आरोपी युवती के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने दावा किया है कि उसमें किसी तरह का पछतावा नजर नहीं आया. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.