जूतों के अंदर पैरों से क्यों आती है बदबू? इन छोटी गलतियों से रहें सावधान
जूते पहनने के बाद पैरों से बदबू आना आम समस्या है. पसीना, बैक्टीरिया, गीले मोजे और रोज एक ही जूते पहनना इसकी बड़ी वजह हो सकते हैं. जानिए इससे बचने के आसान तरीके.
जूते पहनने के बाद पैरों से बदबू आना आम समस्या है. पसीना, बैक्टीरिया, गीले मोजे और रोज एक ही जूते पहनना इसकी बड़ी वजह हो सकते हैं. जानिए इससे बचने के आसान तरीके.
टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई लोगों को जूते पहनने के बाद पैरों से बदबू आने की समस्या होती है. खासकर लंबे समय तक बंद जूते पहनने, ज्यादा पसीना आने या पैरों की साफ-सफाई पर पर्याप्त ध्यान न देने से यह परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, पैरों में पसीने की ग्रंथियां अधिक होती हैं. हालांकि, पसीना अपने आप में आमतौर पर तेज बदबू वाला नहीं होता, लेकिन जब यह जूतों और मोजों के अंदर लंबे समय तक जमा रहता है, तो बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है. ये बैक्टीरिया पसीने और त्वचा पर मौजूद पदार्थों को तोड़ते हैं, जिससे पैरों से दुर्गंध आने लगती है. ऐसे में रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके पैरों की बदबू की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

रोज पैर साफ करना क्यों जरूरी है?
पैरों की सफाई को नजरअंदाज करना बदबू की एक बड़ी वजह हो सकता है. रोज पैरों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए. खासकर उंगलियों के बीच की जगह को साफ करने के बाद उसे अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. नमी लंबे समय तक बनी रहने पर बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है. नहाने के बाद गीले पैरों को तुरंत मोजे या जूते में डालने से भी बचना चाहिए. पैरों को पूरी तरह सुखाकर ही मोजे पहनें.
रोज एक ही जूते पहनना पड़ सकता है भारी
अगर आप लगातार कई दिनों तक एक ही जोड़ी जूते पहनते हैं, तो उसमें जमा पसीने और नमी को सूखने का पर्याप्त समय नहीं मिलता. इससे बदबू बढ़ सकती है. संभव हो तो दो या अधिक जोड़ी जूतों का इस्तेमाल करें और उन्हें बारी-बारी से पहनें. जूते उतारने के बाद उन्हें किसी हवादार जगह पर रखें, ताकि अंदर की नमी बाहर निकल सके. गीले या पसीने से भीगे जूतों को तुरंत बंद जगह में रखने से बचना चाहिए.

मोजे बदलने में न करें लापरवाही
कई लोग एक ही मोजे को लंबे समय तक पहनते रहते हैं, जिससे पसीना और बैक्टीरिया जमा होते जाते हैं. पैरों से बदबू आने की स्थिति में रोज साफ मोजे पहनना जरूरी है. अगर पैरों में ज्यादा पसीना आता है तो जरूरत के अनुसार दिन में मोजे बदलने पर भी विचार किया जा सकता है. ऐसे मोजे चुनें जो पसीना सोखने में मदद करें और पैरों को हवा मिलने दें. बहुत ज्यादा टाइट मोजे या जूते पहनने से भी पैरों में गर्मी और नमी बढ़ सकती है.
जूते और इनसोल की सफाई भी जरूरी
सिर्फ पैरों की सफाई करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी. जूतों के अंदर मौजूद इनसोल और दूसरे हिस्सों में भी पसीना और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. जूते की सामग्री के अनुसार उसकी नियमित सफाई करें और उन्हें पूरी तरह सूखने दें. अगर इनसोल लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है और उसमें लगातार दुर्गंध बनी रहती है, तो उसे बदलना भी एक विकल्प हो सकता है.

कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर पैरों की बदबू के साथ खुजली, त्वचा का छिलना, लालिमा, जलन, सफेद पड़ना या छोटे-छोटे घाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे केवल सामान्य बदबू मानकर नजरअंदाज न करें. ये फंगल इंफेक्शन या त्वचा से जुड़ी किसी अन्य समस्या के संकेत हो सकते हैं. समस्या लगातार बनी रहती है या घरेलू देखभाल के बावजूद सुधार नहीं होता, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. पैरों की बदबू से बचने के लिए साफ-सफाई, सूखे पैर, साफ मोजे और जूतों को पर्याप्त हवा देना सबसे जरूरी आदतों में शामिल है. रोजमर्रा की इन छोटी बातों का ध्यान रखकर आप पैरों को स्वस्थ रखने के साथ दुर्गंध की समस्या को भी काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं.