कभी बारिश तो कभी तपिश! बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का ऐसे रखें ख्याल

कभी बारिश तो कभी तपिश! बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का ऐसे रखें ख्याल

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है.कभी कड़क धूप और भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, तो कभी तेज हवा और बारिश से लोगों को राहत मिल रही है.मानसून आने में भी कुछ दिन ही बाकी हैं. ऐसे में प्री-मानसून की गतिविधियां भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल न रखा जाए, तो उनकी तबीयत भी खराब हो सकती है क्योंकि बच्चे काफी ज्यादा संवेदनशील होते हैं और बदलते मौसम का उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए अगर इस दौरान बच्चों का खास ख्याल न रखा जाए, तो अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते है.ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे जरूरी और आसान टिप्स बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप बदलते मौसम के बीच अपने बच्चों को पूरी तरह फिट रख सकते है.

खानपान का रखें खास ध्यान

बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ता है. कभी तेज गर्मी तो कभी बारिश और ठंडी हवाओं की वजह से बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होने लगती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ सकते है. ऐसे में  बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए. बच्चों को बाहर का तला-भुना और जंक फूड खिलाने की बजाय घर का ताजा और पौष्टिक भोजन खिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है.उनके खाने में मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध, दही और प्रोटीन से भरपूर चीजें जरूर शामिल करें.आंवला, अमरूद और मौसमी जैसे फल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते है.वहीं, हल्दी वाला दूध और घर का बना पौष्टिक खाना बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने में सहायक हो सकता है.

मौसम के अनुसार पहनाएं कपड़े 

इन दिनों मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है. सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस होती है, जबकि दिन में तेज गर्मी पड़ती है.ऐसे में बच्चों को मौसम के हिसाब से कपड़े पहनाना बेहद जरूरी हो जाता है.बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जो आरामदायक हों और शरीर को मौसम के बदलाव से बचा सकें. कॉटन के कपड़े इस मौसम में सबसे बेहतर माने जाते है, क्योंकि ये पसीना आसानी से सोख लेते है और त्वचा को आराम देते है साथ ही बच्चों के पास एक हल्का जैकेट, स्वेटर या शॉल जरूर रखें, ताकि मौसम अचानक बदलने पर उन्हें ठंड से बचाया जा सके. लापरवाही बरतने पर सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती है.

साफ-सफाई का विशेष ध्यान 

बारिश और नमी वाले मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बच्चों को साफ-सफाई की आदत सिखाना बेहद जरूरी है. बच्चों को बाहर से घर आने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह धोने की आदत डालें.खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हाथ धोना भी जरूरी है.इसके अलावा बच्चों के नाखून समय-समय पर काटते रहें और उनके कपड़ों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें.छोटी-छोटी स्वच्छता संबंधी आदतें बच्चों को कई तरह की मौसमी बीमारियों और संक्रमण से बचाने में मदद करती है.

बारिश और धूप दोनों से बचाएँ

बदलते मौसम में कभी तेज धूप निकल आती है तो कभी अचानक बारिश शुरू हो जाती है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. तेज धूप में ज्यादा देर रहने से बच्चों को थकान, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि बारिश में भीगने से सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए जब भी बच्चे घर से बाहर निकलें, तो मौसम के अनुसार जरूरी तैयारी करके भेजें.धूप में जाते समय उन्हें टोपी, कैप या छाते का इस्तेमाल करने की सलाह दें, जबकि बारिश के मौसम में उनके पास रेनकोट या छाता जरूर होना चाहिए.यदि बच्चा बारिश में भीग जाए, तो घर पहुंचते ही उसके गीले कपड़े बदल दें और उसे गर्म पानी या सूप जैसी चीजें दें. थोड़ी सी सावधानी बच्चों को कई मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती है.

ख़ूब पानी पिलाएँ

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी होती है.पर्याप्त नींद लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और बच्चे पूरे दिन ऊर्जावान महसूस करते है. बदलते मौसम में बच्चों को समय पर सोने और समय पर उठने की आदत डालनी चाहिए इसके साथ ही बच्चों को भरपूर मात्रा में पानी पीने के लिए भी प्रेरित करें. कई बार मौसम सुहावना होने की वजह से बच्चे पानी कम पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.इसलिए उन्हें नियमित समय पर पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ देते रहें, ताकि उनका शरीर हाइड्रेटेड बना रहे.