सुबह बासी रोटी खाना सेहत के लिए वरदान या नुकसान? रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

सुबह बासी रोटी खाना सेहत के लिए वरदान या नुकसान? रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भारतीय घरों में रात की बची हुई रोटी को अगले दिन सुबह खाने की परंपरा वर्षों पुरानी है. दादी-नानी अक्सर कहती थीं कि बासी रोटी पेट के लिए फायदेमंद होती है और इससे शरीर को ताकत मिलती है. लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और हेल्थ अवेयरनेस के दौर में अब कई लोग कुछ घंटे पुराना खाना भी खाने से बचते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रात की बची हुई रोटी सुबह खाना सचमुच फायदेमंद है या इससे सेहत को नुकसान हो सकता है? हाल के वर्षों में सामने आई कई रिसर्च इस सवाल का दिलचस्प जवाब देती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रोटी को सही तरीके से रखा गया हो और समय पर खाया जाए, तो यह कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.

बासी रोटी में बढ़ जाता है रेजिस्टेंट स्टार्च

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, ताजी रोटी के ठंडी होने के बाद उसमें मौजूद स्टार्च की संरचना बदलने लगती है. इससे रेजिस्टेंट स्टार्च की मात्रा बढ़ जाती है. यह ऐसा कार्बोहाइड्रेट होता है जो आसानी से पचता नहीं है, बल्कि आंतों तक पहुंचकर वहां मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है. इसी वजह से इसे प्रीबायोटिक भी माना जाता है.

कई शोधों में यह बताया गया है कि रेजिस्टेंट स्टार्च पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज से राहत दिलाने और आंतों की सेहत सुधारने में मददगार हो सकता है.

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मिल सकती है मदद

कुछ अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, सही तरीके से रखी गई बासी रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) ताजी रोटी की तुलना में थोड़ा कम हो सकता है. इसका मतलब यह है कि इसे खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज धीरे-धीरे रिलीज होता है, जिससे अचानक ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना कम हो सकती है.

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि डायबिटीज या प्री-डायबिटीज से पीड़ित लोगों को इसे नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

लंबे समय तक पेट भरा रहने का एहसास

बासी रोटी धीरे-धीरे पचती है. इसलिए इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती. इससे बार-बार स्नैकिंग या जरूरत से ज्यादा खाने की आदत कम हो सकती है. यही कारण है कि कुछ न्यूट्रिशन एक्सपर्ट इसे वजन नियंत्रित करने वाली डाइट का हिस्सा भी मानते हैं.

अगर इसे दही, दूध या हल्की सब्जी के साथ खाया जाए. तो यह एक संतुलित नाश्ता भी बन सकता है.

पेट की सेहत के लिए क्यों मानी जाती है अच्छी?

रेजिस्टेंट स्टार्च आंतों में मौजूद लाभदायक बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है. इससे पाचन बेहतर होता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यही वजह है कि पुराने समय से बासी रोटी को पेट के लिए लाभकारी माना जाता रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इसका फायदा तभी मिलता है. जब रोटी पूरी तरह सुरक्षित हो और उसमें किसी तरह की नमी या फफूंदी न लगी हो.

कब बन सकती है नुकसान की वजह?

हर बासी रोटी फायदेमंद नहीं होती. यदि रोटी को खुला छोड़ दिया गया हो. गर्म और नमी वाली जगह पर रखा गया हो या उसमें फफूंदी आने लगी हो. तो उसे बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. ऐसी रोटी में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं. जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं.

इसके अलावा 10–12 घंटे से अधिक समय तक रखी गई रोटी को खाने से पहले उसकी गुणवत्ता जरूर जांच लें. गर्मियों में इसे कमरे के तापमान पर लंबे समय तक रखना सुरक्षित नहीं माना जाता.

बासी रोटी खाने का सही तरीका

यदि आप सुबह रात की बची हुई रोटी खाना चाहते हैं. तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

  • रोटी को रात में साफ और ढक्कन वाले बर्तन में रखें.
  • गर्म मौसम में इसे फ्रिज में स्टोर करना बेहतर होता है.
  • सुबह खाने से पहले हल्का गर्म कर लें.
  • फफूंदी, बदबू या स्वाद में बदलाव होने पर तुरंत फेंक दें.
  • गैस, पेट की गंभीर समस्या या डायबिटीज होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि ताजी रोटी हमेशा सबसे बेहतर विकल्प है. लेकिन यदि कभी-कभार सही तरीके से स्टोर की गई रात की रोटी अगले दिन सुबह खाई जाए. तो यह अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित मानी जाती है. इसमें मौजूद रेजिस्टेंट स्टार्च पाचन, ब्लड शुगर नियंत्रण और पेट की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है.