पहले लोग बिना जिम कैसे रहते थे फिट? क्या आज भी अपनाएं जा सकते हैं पुराने तरीके, जानिए

पहले लोग बिना जिम कैसे रहते थे फिट? क्या आज भी अपनाएं जा सकते हैं पुराने तरीके, जानिए

टीनपी डेस्क (TNP DESK): आजकल फिट रहना और दिखना कौन नहीं चाहता लेकन आज के समय में फिट रहने का मतलब अक्सर जिम जाना, महंगे फिटनेस प्लान खरीदना और सप्लीमेंट्स लेना माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते है कि कुछ दशक पहले जब जिम हर शहर और मोहल्ले में नहीं थे, तब भी लोग स्वस्थ, मजबूत और फुर्तीले रहते थे. खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर, घरेलू महिलाएं और सामान्य लोग बिना किसी आधुनिक उपकरण के भी अच्छी शारीरिक क्षमता बनाए रखते थे. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कारण उनकी सक्रिय जीवनशैली, संतुलित खानपान और नियमित दिनचर्या थी. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भी इन पुराने तरीकों को अपनाकर फिट रहा जा सकता है.

रोजमर्रा के काम ही थे सबसे बड़ी एक्सरसाइज

पहले लोगों की दिनचर्या में शारीरिक मेहनत अपने आप शामिल होती थी. पैदल चलना, साइकिल चलाना, सीढ़ियां चढ़ना, खेतों में काम करना, घर की सफाई, पानी भरना और अन्य घरेलू काम शरीर को लगातार सक्रिय रखते थे. इससे अलग से वर्कआउट करने की जरूरत कम पड़ती थी. आज अधिकांश लोग घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधियां काफी कम हो गई हैं. डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना 30 से 45 मिनट पैदल चलना और लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना भी शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

सादा और घर का बना खाना था सबसे बड़ा राज

पुराने समय में लोग ताजा, मौसमी और घर का बना भोजन खाते थे. भोजन में दाल, हरी सब्जियां, मोटे अनाज, दही, दूध और फल शामिल होते थे. फास्ट फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थ बहुत कम खाए जाते थे. पोषण विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देता है और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है. आज भी यदि प्रोसेस्ड फूड की जगह घर का बना पौष्टिक खाना चुना जाए तो कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है.

पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या का था बड़ा योगदान

पहले लोग जल्दी सोते और सुबह जल्दी उठते थे. पर्याप्त नींद शरीर की मरम्मत, ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है. आज देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से नींद प्रभावित होती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए और सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग कम करना चाहिए.

मानसिक तनाव भी था कम

विशेषज्ञों का मानना है कि पहले लोगों की जिंदगी में शारीरिक मेहनत ज्यादा और डिजिटल तनाव कम था. परिवार के साथ समय बिताना, सामाजिक मेलजोल और प्रकृति के बीच रहना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखता था. आज योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास और परिवार के साथ समय बिताने जैसी आदतें तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं.

क्या आज भी पुराने तरीके अपनाए जा सकते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आज के दौर में जिम जाना जरूरी नहीं है. यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से पैदल चलता है, घर या बाहर शारीरिक गतिविधियां करता है, संतुलित भोजन लेता है, पर्याप्त नींद पूरी करता है और तनाव को नियंत्रित रखता है, तो वह बिना जिम के भी फिट रह सकता है. हालांकि जिन लोगों का लक्ष्य मसल्स बनाना, एथलेटिक प्रदर्शन बढ़ाना या विशेष फिटनेस हासिल करना है, उनके लिए जिम उपयोगी हो सकता है.