टीनपी डेस्क (TNP DESK): आज के दौर में हर दूसरे लोग स्मार्ट फोन ऐसे यूज़ करते है जैसे उनकी लाइफलाइन हो. आजकल के दौर में लोग सोशल मीडिया को अपनी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बना चुके है. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग Instagram, Facebook, X, YouTube और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर घंटों बिताते हैं. लेकिन आपको पता है कि यही आदत धीरे-धीरे आपकी नींद की सबसे बड़ी दुश्मन बन सकती है. अगर आप भी रात को सिर्फ 10 मिनट के लिए फोन उठाते हैं और देखते-देखते एक-दो घंटे निकल जाते हैं, तो यह संकेत है कि आपकी स्लीप रूटीन सोशल मीडिया की वजह से बिगड़ रही है. लगातार स्क्रीन देखने से दिमाग सक्रिय बना रहता है और शरीर को यह संकेत नहीं मिल पाता कि अब आराम करने का समय है. इसके अलावा मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी माना जाता है.

सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल से बना लें दूरी
अगर आप बेहतर नींद चाहते हैं, तो सोने से कम से कम 60 मिनट पहले मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल बंद कर दें. इस दौरान किताब पढ़ें, हल्का संगीत सुनें या परिवार के साथ समय बिताएं. इससे दिमाग धीरे-धीरे शांत होने लगता है और शरीर नींद के लिए तैयार होता है. यदि अचानक मोबाइल छोड़ना मुश्किल लगता है, तो शुरुआत 20 से 30 मिनट के डिजिटल ब्रेक से करें और धीरे-धीरे इसे एक घंटे तक बढ़ाएं. फोन को बिस्तर से दूर रखें ताकि बार-बार नोटिफिकेशन देखने की इच्छा कम हो.
रात में सोशल मीडिया की जगह रिलैक्सिंग रूटीन अपनाएं
रात को सोने से पहले ऐसी आदतें अपनाएं जो शरीर और दिमाग को आराम दें. गुनगुने पानी से नहाना, 5 से 10 मिनट गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करना, मेडिटेशन या हल्की स्ट्रेचिंग करना बेहतर विकल्प हो सकते हैं. अगर आप हर रात एक ही समय पर सोने और सुबह एक ही समय पर उठने की आदत बना लेते हैं, तो आपकी बॉडी क्लॉक भी बेहतर तरीके से काम करने लगती है. इससे नींद जल्दी आने में मदद मिल सकती है और सुबह तरोताजा महसूस होता है.
नोटिफिकेशन और स्क्रीन टाइम पर रखें नियंत्रण
सोशल मीडिया का सबसे बड़ा आकर्षण लगातार आने वाले नोटिफिकेशन होते हैं. रात के समय अनावश्यक नोटिफिकेशन बंद कर दें या Do Not Disturb मोड का इस्तेमाल करें. अधिकांश स्मार्टफोन में स्क्रीन टाइम या ऐप लिमिट का विकल्प होता है, जिसकी मदद से सोशल मीडिया के उपयोग की समय सीमा तय की जा सकती है. इससे बिना जरूरत के बार-बार ऐप खोलने की आदत कम हो सकती है. यदि संभव हो, तो बेडरूम में मोबाइल की जगह अलार्म घड़ी का इस्तेमाल करें ताकि सुबह उठते ही सोशल मीडिया देखने की आदत भी कम हो.

अच्छी नींद के लिए सिर्फ फोन से दूरी ही नहीं, संतुलित जीवनशैली भी जरूरी
सोशल मीडिया का सीमित और संतुलित उपयोग करना ही सबसे अच्छा तरीका है. अच्छी नींद के लिए रोजाना नियमित व्यायाम करें, शाम के समय चाय, कॉफी या अधिक कैफीन वाले पेय सीमित मात्रा में लें और सोने से पहले भारी भोजन करने से बचें. अगर पर्याप्त प्रयास के बावजूद कई हफ्तों तक नींद नहीं आती, बार-बार नींद खुल जाती है या दिनभर थकान महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. अच्छी नींद केवल आराम नहीं देती, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त, एकाग्रता और संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

