झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा मर्डर के बाद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के आर्थिक नेटवर्क पर क्या हुआ है बड़ा एक्शन,कहां हुई है रेड

झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा मर्डर के बाद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के आर्थिक नेटवर्क पर क्या हुआ है बड़ा एक्शन,कहां हुई है रेड

Tnp desk: झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या उत्तराखंड के देहरादून में फरवरी 2026 में कर दी गई थी. विक्रम शर्मा और फिलहाल दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के बीच कारोबारी  रिश्ते की बात भी सामने आई थी. कहा तो यह भी जाता है कि विक्रम शर्मा गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु था. 

विक्रम शर्मा और अखिलेश सिंह ने मिलकर झारखंड सहित अन्य प्रदेशों में कई घटनाओं का अंजाम दिया था.बड़ा आर्थिक साम्राज्य खड़ा कर लिया था. विक्रम शर्मा हत्या के पहले झारखंड के जमशेदपुर से दूर देहरादून में कारोबार फैला लिया था. वह देहरादून में सफेदपोश बनकर रह रहा था और उसकी पहचान कारोबारी के रूप में बनती जा रही थी.जमशेदपुर जब भी आता था,भारी निजी सुरक्षा में रहता था. 

इसी बीच इसी साल फरवरी महीने में देहरादून के एक मॉल की सीढ़ियों पर घात लगाए अपराधियों ने विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस घटना के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने गैंग के आर्थिक स्रोत को लेकर अब एक बड़ी कार्रवाई की है. गैंगस्टर अखिलेश सिंह से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच में कार्रवाई तेज कर दी गई है. 

सूत्रों के अनुसार हरियाणा के रोहतक में विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बियर फैक्ट्री बॉटलिंग प्लांट में प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की है. सूत्र तो बता रहे हैं कि इस प्लांट का संचालन अघोषित रूप से वर्तमान में दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह की देखरेख में हो रहा है .हालांकि इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है. प्रवर्तन निदेशालय की ओर से भी अभी कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. 

लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि ईडी ने इस मामले में पहले ही ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. एजेंसी को आशंका है कि पिछले एक वर्ष में लगभग डेढ़ सौ करोड रुपए के कथित हवाला लेनदेन का नेटवर्क विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड से संचालित किया गया है. इसके बाद  वहां  ईडी की रेड हुई है. 

जांच एजेंसी  ने प्लांट के पदाधिकारी से कई घंटों तक पूछताछ की है. कहा तो यह भी जा रहा है कि ईडी ने कागजात, बैंक लेनदेन के सबूत और मोबाइल जब्त किया है. विक्रम शर्मा की हत्या के बाद गैंग के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए  यह पहली बड़ी कार्रवाई कही जा रही है.