झारखंड छात्र आंदोलन: राहुल गांधी क्यों आये भाजपा के निशाने पर, दिल्ली में आदित्य साहू तो रांची में बाबू लाल मरांडी ने कैसे बोला हमला 

झारखंड छात्र आंदोलन: राहुल गांधी क्यों आये भाजपा के निशाने पर, दिल्ली में आदित्य साहू तो रांची में बाबू लाल मरांडी ने कैसे बोला हमला

टीएनपी डेस्क:  रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भाजपा, झामुमो  से अधिक कांग्रेस पर हमलावर है.  इसके राजनीतिक कारण हो सकते है.  दिल्ली के छात्रों के आंदोलन को कांग्रेस के सपोर्ट के चश्मे से भी देखा जा सकता है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू दिल्ली में बोल रहे हैं, तो नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी ने भी पोस्ट किया है.  बुधवार को पुलिसिया दमन के खिलाफ झारखंड के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हाथ में तख्तियां  लेकर प्रदर्शन किया।  सांसदों ने कांग्रेस और राहुल गांधी से दिल्ली एवं झारखंड में दो अलग-अलग मापदंडों को लेकर जवाब देने की मांग की . 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने क्या कहा है 

 झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर राज्य सरकार लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर एक बार नहीं, कई बार लाठी चार्ज किया।  कहा कि आश्चर्य की बात है कि राहुल गांधी के दिखावे  वाले पोस्ट के बाद झारखंड की पुलिस पहले से अधिक आक्रामक हो गई और रात के अंधेरे में छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया.  उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों पर लाठियां बरसती रही, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी  ने यह बता दिया है कि छात्रों के अधिकारों से उनका कोई लेना-देना नहीं है.  झारखंड में जो कुछ भी हुआ या हो रहा है, इसके लिए सीधे तौर पर राहुल गांधी जिम्मेवार  हैं.  

क्यों लगाया दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी एवं कांग्रेस दोहरा चरित्र अपनाये  हुए है.  दिल्ली में तो यह लोग खूब शोर मचाते हैं और झारखंड के मामले पर चुप्पी साध  लेते हैं.  कांग्रेस के समर्थन से ही झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार चल रही है .  राहुल गांधी दूरभाष पर छात्रों से बात करते हैं, लेकिन कभी भी छात्रों की मांग को लेकर राज्य सरकार पर दबाव नहीं बनाते।  राहुल गांधी को इस मामले पर हेमंत सरकार से सीधी बात करनी चाहिए और छात्रों की जो जायज मांग है, सरकार को तुरंत पूरा करना चाहिए।  उन्हें यह भी कहना चाहिए कि छात्रों की मांग पूरी हो अन्यथा हम सरकार से समर्थन वापस लेते हैं, लेकिन ऐसा वह नहीं कर रहे हैं.  क्योंकि कांग्रेस और राहुल गांधी झारखंड में सत्ता पर काबिज है.

बाबू लाल मरांडी भी पीछे नहीं 

इधर ,नेता प्रतिपक्ष बाबू  लाल मरांडी ने बुधवार को ट्वीट कर कहा है कि  राहुल गांधी जी, झारखंड में एक कहावत प्रचलित है- लग्गी से पानी पिलाना... झारखंड के छात्रों के साथ भी आप यही कर रहे है. पिछले 17-18 दिनों से छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में नौकरी बेचे जाने के आरोपों की CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन आप केवल बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं. झारखंड में आपकी ही गठबंधन सरकार है.  यदि आप चाहें तो हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों की मांग मानने के लिए दबाव बना सकते हैं। 

कहा -बयान नहीं अब तो न्याय मांग रहे बच्चे 

छात्रों पर लाठियां चलीं हैं, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। कल रात आंदोलन स्थल से छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन आप सिर्फ मीडिया में बयान दे रहे हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ JPSC व JSSC की नौकरी बेचने में आपकी भी भूमिका है.  यदि आप वास्तव में छात्रों के साथ हैं और खुद को पाक-साफ मानते हैं, तो रांची आइए, आंदोलनरत छात्रों से मिलिए और उनकी मांगों के समाधान के लिए, CBI जांच के लिए अपनी सरकार पर दबाव बनाइए।  राहुल गांधी जी, झारखंड के छात्रों को बयान नहीं, न्याय चाहिए।