विदेशी पर्यटकों से गुलजार हुई मंगलहाट की ऐतिहासिक धरोहर, मोती झरना की खूबसूरती देख मंत्रमुग्ध हुए सैलानी
झारखंड की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती अब सात समंदर पार से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है. साहिबगंज जिले के मंगलहाट स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद एवं बाराद्वारी को विदेशी पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहा.
साहिबगंज (SAHIBGARNJ): झारखंड की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती अब सात समंदर पार से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है. साहिबगंज जिले के मंगलहाट स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद एवं बाराद्वारी को विदेशी पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहा. यहां छह देशों से पहुंचे कुल 19 विदेशी पर्यटकों ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का भ्रमण किया. मुगलकालीन स्थापत्य कला की खूबसूरती और क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को देखकर विदेशी मेहमान काफी प्रभावित नजर आए.

जानकारी के अनुसार, पांडव नामक संस्था के शिप मैनेजर सिद्धार्थ एवं दीपक मिश्रा के नेतृत्व में विदेशी पर्यटकों का दल जलमार्ग से कोलकाता से बनारस की यात्रा पर निकला है. इसी यात्रा के क्रम में यह दल मंगलहाट पहुंचा. पर्यटक दल में जर्मनी से एक, माल्टा से एक, फ्रांस से दो, ऑस्ट्रेलिया से चार, कनाडा से पांच तथा यूनाइटेड किंगडम से छह पर्यटक शामिल थे. कुल 19 विदेशी मेहमानों ने यहां की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखा और उसके इतिहास तथा स्थापत्य कला में गहरी रुचि दिखाई.
कैमरे में कैद किए ऐतिहासिक धरोहर के खूबसूरत नजारे
मंगलहाट स्थित जामा मस्जिद एवं बाराद्वारी पहुंचने पर पर्यटकों ने वहां की ऐतिहासिक बनावट, स्थापत्य कला और खूबसूरत दृश्यों का आनंद लिया. सभी ने अपने कैमरे और मोबाइल फोन में इन ऐतिहासिक धरोहरों की तस्वीरें कैद कीं. मुगलकालीन इतिहास से जुड़ी इस विरासत को देखकर विदेशी पर्यटकों ने इसकी सराहना की. ऐतिहासिक इमारतों की भव्यता और उनकी सांस्कृतिक पहचान ने पर्यटकों को काफी आकर्षित किया.

मोती झरना की प्राकृतिक खूबसूरती ने जीता विदेशी मेहमानों का दिल
ऐतिहासिक धरोहरों के भ्रमण के बाद विदेशी पर्यटकों का दल महाराजपुर स्थित प्रसिद्ध मोती झरना भी पहुंचा. यहां पहाड़ की तलहटी में गुफा के अंदर विराजमान भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर पर्यटकों ने पूजा-अर्चना की. धार्मिक स्थल की प्राकृतिक संरचना और शांत वातावरण को देखकर पर्यटक काफी प्रभावित हुए. इसके बाद सभी ने करीब दो हजार फीट की ऊंचाई से गिरते जलप्रपात के मनमोहक दृश्य का आनंद लिया. पहाड़ों के बीच बहते झरने, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया. पर्यटकों ने यहां जमकर तस्वीरें खिंचवाईं और इस प्राकृतिक सौंदर्य को अपनी यादों में संजोया.
सात समंदर पार तक पहुंचेगी साहिबगंज की पहचान!
विदेशी पर्यटकों का यह आगमन साहिबगंज जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने वाला है. मंगलहाट की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और बाराद्वारी से लेकर मोती झरना की प्राकृतिक छटा तक, यह पूरा क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. जरूरत है इन धरोहरों के बेहतर प्रचार-प्रसार, संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विकास की, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां की खूबसूरती से रूबरू हो सकें.
कुल मिलाकर, विदेशी मेहमानों की इस यात्रा ने एक बार फिर साबित किया कि साहिबगंज की धरती पर इतिहास, आस्था और प्रकृति का ऐसा संगम मौजूद है, जिसे देखने और महसूस करने के लिए दूर-दूर से पर्यटक खिंचे चले आ सकते हैं.
रिपोर्ट: गोविंद ठाकुर