झारखंड का लाल अब बड़े पर्दे पर आएगा नजर, कुंदन कुमार ने जैकी श्रॉफ का बेटा बनकर मचाया धमाल

झारखंड का लाल अब बड़े पर्दे पर आएगा नजर, कुंदन कुमार ने जैकी श्रॉफ का बेटा बनकर मचाया धमाल

साहिबगंज (SAHIBGANJ): साहिबगंज की गलियों से निकलकर मुंबई के फिल्मी पर्दे तक पहुंचने वाले अभिनेता कुंदन कुमार आज अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक खास पहचान बना चुके हैं. बिहार के जहानाबाद में जन्मे और झारखंड के साहिबगंज में पले-बढ़े कुंदन इन दिनों अपनी नई फिल्म द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो एलियंस का आगमन को लेकर सुर्खियों में हैं, जो सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में वह दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे की अहम भूमिका निभा रहे हैं, और दोनों के बीच कई भावनात्मक दृश्य दर्शकों को काफी पसंद आ रहे हैं.

कुंदन कुमार का बचपन साहिबगंज में बीता. उनके पिता मिथिलेश सिंह जीआरपी में एएसआई के पद पर कार्यरत थे, जिनकी पोस्टिंग के बाद परिवार यहां बस गया. बचपन से ही उनकी पढ़ाई और परवरिश साहिबगंज में हुई. उन्होंने एनआरपी सेंटर से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की, इसके बाद संत जोसेफ स्कूल और फिर संत जेवियर्स स्कूल में पढ़ाई की, जहां उनका स्कूल जीवन बेहद खास और यादगार रहा. वे 1994 से 2008 तक साहिबगंज में शिक्षा ग्रहण करते रहे.

कुंदन की मां को शिक्षा के प्रति गहरी रुचि थी और उन्होंने हमेशा अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी. इसी माहौल ने कुंदन के जीवन को दिशा दी और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिली. बचपन से ही उनकी रुचि अभिनय और कला की ओर थी, जिसे उनके दोस्तों ने भी पहचाना.

थिएटर की दुनिया में उन्होंने लगभग 18 वर्षों तक काम किया और अपने अभिनय करियर की शुरुआत दिल्ली की वायम ड्रामेटिक्स सोसायटी से की. इसके बाद उन्होंने एनएसडी से जुड़े अनुभवी रंगकर्मियों के साथ प्रशिक्षण लिया और भानु भारती, सलीम आरिफ और रामजी बाली जैसे प्रसिद्ध निर्देशकों के साथ काम किया.

मुंबई आने के बाद कुंदन ने टीवी, वेब सीरीज और फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बनाई. वे “जेएल50”, “अवरोध”, “स्कैम 2003”, “सैम बहादुर”, “पटना शुक्ला” और “लकड़बग्घा” जैसी कई चर्चित परियोजनाओं का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, राजकुमार राव और मनोज बाजपेयी जैसे बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की है.

कुंदन जल्द ही फिल्म “धारा 84 आईपीसी” में भी नजर आएंगे, जिसमें अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं और निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मनीष सैनी कर रहे हैं. कुंदन कहते हैं कि साहिबगंज की मिट्टी ने उन्हें संस्कार और पहचान दी, जबकि बिहार ने उन्हें जन्म दिया. आज वे गर्व से खुद को दोनों राज्यों का बेटा मानते हैं और अपनी हर सफलता का श्रेय इन्हीं जड़ों को देते हैं.