कांके रोड से CM आवास हटेगा? जानिए क्यों बाबूलाल के नए बयान से छिड़ी बहस

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री आवास को कांके रोड से मंत्री-विधायक आवासीय परिसर में शिफ्ट करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे ट्रैफिक और आम लोगों की परेशानी कम होगी.

कांके रोड से CM आवास हटेगा? जानिए क्यों बाबूलाल के नए बयान से छिड़ी बहस

RANCHI:रांची में मुख्यमंत्री आवास की मौजूदा जगह को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री आवास को कांके रोड से हटाकर मंत्री-विधायक आवासीय परिसर में स्थानांतरित करने की मांग की है. बाबूलाल मरांडी का कहना है कि कांके रोड राजधानी के व्यस्त और प्रमुख कारोबारी इलाकों में शामिल है. यहां मुख्यमंत्री आवास होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट के चलते आम लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मंत्रियों और विधायकों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर तैयार किया गया है. इस परिसर के निर्माण पर सरकार ने बड़ी राशि खर्च की है. ऐसे में मुख्यमंत्री के लिए भी इसी परिसर में आवास की व्यवस्था की जा सकती है. उनका मानना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने के साथ-साथ शहर के व्यस्त हिस्से में यातायात का दबाव भी कम किया जा सकता है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा के कारण कांके रोड पर अक्सर बैरिकेडिंग की जाती है और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जाता है. इसका असर सड़क से गुजरने वाले आम लोगों के अलावा दुकानदारों, व्यापारियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों पर भी पड़ता है. कई बार लोगों को अपने सामान्य रास्ते पर भी रोक और डायवर्जन का सामना करना पड़ता है.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा बेहद जरूरी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा समाधान होना चाहिए जिससे आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो. उन्होंने कहा कि राजधानी की व्यस्त सड़क पर बार-बार यातायात रोकने से व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता है.

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि जब मंत्रियों और विधायकों के लिए अलग आवासीय परिसर तैयार किया गया है, तो मुख्यमंत्री आवास को भी उसी परिसर में स्थानांतरित करने पर विचार किया जाए. बाबूलाल ने कहा कि इससे कांके रोड के व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राहत मिल सकती है. उन्होंने सरकार से जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की.