SIR फॉर्म भरना क्यों है जरूरी? अगर नहीं भरा तो क्या-क्या हो सकती है दिक्कतें, पढ़िए

SIR फॉर्म भरना क्यों है जरूरी? अगर नहीं भरा तो क्या-क्या हो सकती है दिक्कतें, पढ़िए

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):झारखंड में 30 जून से SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है, जहां बीएलओ डोर-टू-डोर जाकर लोगों को फॉर्म दे रहे है.वहीं, भरे हुए फॉर्म को जमा भी ले रहे है. इसके लिए 29 जुलाई तक की अंतिम तिथि तय की गई है. इस दिन तक सभी को अपना SIR फॉर्म भरकर जमा कर देना है.हालांकि, बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या SIR फॉर्म नहीं भरने से उनका नाम वोटर आईडी कार्ड से कट जाएगा तो चलिए आज हम आपको SIR फॉर्म नहीं भरने से क्या-क्या नुकसान हो सकता है. इन सभी सवालों के जवाब बताते है.

पढ़िये क्यों भरा जा रहा है SIR फॉर्म

आपको बता दें कि विशेष गहन पुनरीक्षण SIR फॉर्म भरवाने का सरकार का एक ही उद्देश्य है कि मतदाता सूची को अपडेट किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल पात्र मतदाताओं का ही नाम मतदाता सूची में शामिल हो. SIR फॉर्म भरने के दौरान मतदाता से जुड़ी जरूरी जानकारी और दस्तावेज मांगे जाते हैं, ताकि वोटर आईडी कार्ड का सत्यापन किया जा सके.वहीं, ऐसे मतदाता जो पात्र नहीं हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनका भी सत्यापन किया जा सके. लेकिन अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या SIR फॉर्म नहीं भरने से नागरिकता छिन सकती है या वोटर आईडी कार्ड से नाम कट सकता है.तो चलिए, इसकी पूरी सच्चाई आपको बताते है.

 क्या-क्या हो सकती है दिक्कतें 

सबसे पहले आपको एक बात की जानकारी होनी चाहिए कि SIR फॉर्म नहीं भरने से किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता नहीं छिनती है. यानी अगर आपने गलती से SIR फॉर्म नहीं भी भरा, तब भी आप भारत के नागरिक ही कहलाएंगे.आपकी नागरिकता पहले की तरह ही बनी रहेगी.भारतीय नागरिकता का फैसला नागरिकता कानून के तहत होता है.SIR फॉर्म भरने या नहीं भरने से इस पर कोई असर नहीं पड़ता.

क्या फॉर्म नहीं भरने से छिन जाएगी नागरिकता, पढ़िये 

वहीं, बहुत से लोग यह भी सवाल पूछ रहे हैं कि क्या वोटर आईडी कार्ड से नाम कट जाएगा तो आपको बता दें कि सिर्फ SIR फॉर्म नहीं भरने से वोटर आईडी कार्ड से नाम नहीं कटता. यदि सत्यापन के दौरान कोई व्यक्ति पात्र नहीं पाया जाता है या उसके पास जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो चुनाव आयोग तय प्रक्रिया के तहत जांच करता है.किसी का नाम हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति को आपत्ति दर्ज कराने का भी मौका दिया जाता है.वोटर आईडी कार्ड से नाम कटाना मजाक नहीं है इसलिए आप निश्चित रहें.

29 जुलाई तक जरूर जमा कर दें SIR फॉर्म

आपको बता दें कि वोटर आईडी का यह सत्यापन जरूर कराना चाहिए, क्योंकि यह एक तरफ आपको वोट देने का अधिकार सुनिश्चित करता है, जिससे आप अपनी सरकार चुनते हैं, वहीं दूसरी तरफ यह कई जगहों पर एक जरूरी पहचान पत्र के रूप में भी काम आता है.अगर आप झारखंड के निवासी हैं और अब तक SIR फॉर्म नहीं भरा है, तो 29 जुलाई तक इस प्रक्रिया को जरूर पूरा कर लें.साथ ही, इसमें मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करें.इससे आप भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं और आपका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित बना रहेगा.

सोशल मीडिया के अफ़वाहों पर ना दे ध्यान

हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस फॉर्म को लेकर अफवाहें भी फैला रहे हैं कि अगर SIR फॉर्म नहीं भरा गया तो नागरिकता छिन जाएगी या वोटर आईडी कार्ड से नाम कट जाएगा.इसलिए आपको ऐसी फालतू अफवाहों पर ध्यान नहीं देना है. लेकिन इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आप तय समय सीमा के भीतर SIR फॉर्म भरकर बीएलओ के पास जमा कर दें.