कोयले की लड़ाई में CCL और CMD क्यों हैं गैंगस्टर राहुल दुबे के निशाने पर, जानिए अंदर की कहानी

झारखंड में कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे गैंग ने सोशल मीडिया पर सीसीएल मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी और CMD के परिवार को खत्म करने की चेतावनी दी है. गैंगस्टर ने दावा किया है कि कोलियरी के ई ऑक्शन में गड़बड़ी कर विशेष लोगों को फायदा पहुंचाया गया है.

कोयले की लड़ाई में CCL और CMD क्यों हैं गैंगस्टर राहुल दुबे के निशाने पर, जानिए अंदर की कहानी

रांची: कोयला कारोबारियों से लेकर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के मुख्यालय और उसके CMD तक, गैंगस्टर राहुल दुबे गैंग की धमकियों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर गैंग ने CCL मुख्यालय को बम से उड़ाने और CMD को जान से मारने की धमकी दी है. इस बीच, रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आखिर राहुल दुबे गैंग CCL प्रबंधन के खिलाफ इतना आक्रामक क्यों है? ई-ऑक्शन में कथित गड़बड़ी, कोयला कारोबार में सिंडिकेट के वर्चस्व और कोलियरियों में वसूली के आरोपों के बीच इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की कहानी क्या है? समझिए इस इनसाइट स्टोरी में.

कोयला कारोबार में गैंग की एंट्री

हाल के दिनों में राहुल दुबे गैंग ने कोयला क्षेत्र में कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है. हजारीबाग की न्यू बिरसा कोलियरी में गोलीबारी के बाद गैंग ने सोशल मीडिया पर घटना की जिम्मेदारी लेते हुए संजय करमाली, सोनाराम मांझी, नितेश साव और पप्पू खान समेत कई लोगों को धमकी दी , गैंग ने आरोप लगाया कि कोयला कारोबार में एक सिंडिकेट सक्रिय है, जिसे CCL के CMD का संरक्षण प्राप्त है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

30 अक्टूबर को रांची और हजारीबाग में गोलीबारी

30 अक्टूबर को गैंग ने हजारीबाग और रांची में गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया. हजारीबाग के एके इंटरनेशनल होटल पर फायरिंग की गई. घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया, जिसमें हमलावर गोली चलाते दिखाई दिए.इसके  बाद रांची के कांके इलाके में संजय करमाली के घर के बाहर भी गोलीबारी हुई. इन घटनाओं के बाद रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा किया. मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी के पैर में गोली लगी, जबकि चार अन्य को गिरफ्तार किया गया.

बड़का सियाल में सिंडिकेट के वर्चस्व का आरोप

पूरे घटनाक्रम के पीछे कोलियरियों में कथित सिंडिकेट के वर्चस्व की लड़ाई को अहम वजह माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, बड़का सियाल क्षेत्र में संजय करमाली और उनके सहयोगियों का प्रभाव बताया जाता है. आरोप है कि इस सिंडिकेट के जरिए कोयला कारोबार की गतिविधियां संचालित होती हैं और बाहरी कारोबारियों को प्रवेश में बाधाओं का सामना करना पड़ता है. दूसरी ओर, CCL की ओर से ई-ऑक्शन के जरिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की बात कही जाती है.

गैंगस्टर ने ई-ऑक्शन में कथित अनियमितताओं और CCL अधिकारियों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं. हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए जांच और ठोस साक्ष्य जरूरी हैं.

अब CCL मुख्यालय को धमकी

कोयला कारोबार में कथित सिंडिकेट और ई-ऑक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब CCL के दरभंगा हाउस स्थित मुख्यालय तक पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में गैंग ने ई-ऑक्शन में कथित गड़बड़ी जारी रहने पर मुख्यालय को बम से उड़ाने और CMD को जान से मारने की धमकी दी है. इस धमकी के बाद मुख्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल है. रांची पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है.

बड़ा सवाल: क्या कोयला कारोबार में सिंडिकेट के वर्चस्व की लड़ाई अब सरकारी उपक्रमों के मुख्यालय तक पहुंच गई है? क्या ई-ऑक्शन की प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है, या गैंगस्टर अपने आपराधिक हितों के लिए इन आरोपों का इस्तेमाल कर रहे हैं? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे.