रांची (RANCHI): रांची के कार्निवल बैंक्विट हॉल में आज महानगर कांग्रेस की तरफ से 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत 'संविधान संवाद' कार्यक्रम हुआ. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने की. इसमें भारी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए. कार्यक्रम में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के झारखंड प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने युवाओं को संबोधित किया और देश के विकास में संविधान की जरूरत समझाई. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश के बुनियादी कानूनों और अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी को समझ सकें.
झारखंड प्रभारी के. राजू ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का संविधान सिर्फ एक कानूनी किताब नहीं बल्कि देश की आत्मा है, जो सबको बराबरी और न्याय का हक देती है. उन्होंने युवाओं से कहा कि आज लोकतंत्र को मजबूत रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन्हीं की है, इसलिए वे पढ़ाई के साथ-साथ देश के मुद्दों के प्रति भी जागरूक रहें. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब युवा जागरूक होते हैं, तो देश में बदलाव आता है. संविधान के आदर्शों को आम लोगों तक पहुंचाना और उनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है.

इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान ने ही सबको सम्मान से जीने का अधिकार दिया है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे संविधान को सिर्फ परीक्षा का विषय न समझें, बल्कि इसे अपनी जिंदगी का रास्ता बनाएं. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से संविधान की मर्यादा को बचाने के लिए काम किया है और आज के युवाओं को भी इसी रास्ते पर चलना चाहिए ताकि समाज में समानता और भाईचारा बना रहे.
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है. जब युवा जागरूक होंगे, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा. आज समाज में आपसी बातचीत और भाईचारे को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन इसके लिए युवाओं का भी जागरूक होना जरूरी है. जब तक युवा अपने अधिकारों और कर्तव्यों को नहीं समझेंगे, तब तक लोकतंत्र पूरी तरह सफल नहीं हो सकता.
इस कार्यक्रम में छात्रों ने सिर्फ भाषण नहीं सुना, बल्कि खुद आगे बढ़कर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और राजनीति में अपनी हिस्सेदारी पर खुलकर बात की और नेताओं से सीधे सवाल भी पूछे. युवाओं ने आज के दौर में रोजगार की चुनौतियों और शिक्षा के स्तर को लेकर भी चर्चा की. कुमार राजा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को संविधान से जोड़ना और देश के मुद्दों पर चर्चा शुरू करना है. कार्यक्रम के अंत में सभी युवाओं ने संविधान की प्रस्तावना के आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाने और देश के लिए काम करने का संकल्प लिया.
