रामगढ़: 'मिशन वात्सल्य योजना' के तहत 77 बच्चों के बीच स्पॉन्सरशिप सहायता राशि का हुआ वितरण, हर्र महीने मिलेंगे ₹4 हजार
रामगढ़ में मिशन वात्सल्य योजना के तहत 77 जरूरतमंद बच्चों को हर महीने ₹4,000 की सहायता राशि देने की शुरुआत की गई.
रामगढ़ में मिशन वात्सल्य योजना के तहत 77 जरूरतमंद बच्चों को हर महीने ₹4,000 की सहायता राशि देने की शुरुआत की गई.
रामगढ़ (RAMGARH): जिले में जरूरतमंद और देखरेख की जरूरत वाले बच्चों की मदद के लिए ‘मिशन वात्सल्य योजना’ के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. समाहरणालय सभागार में हुए इस कार्यक्रम में रामगढ़ विधायक ममता देवी, मांडू विधायक निर्मल महतो और उपायुक्त ऋतुराज मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान जिले के 77 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई. इन बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की सहायता राशि मिलेगी. मंच से बच्चों को स्वीकृति पत्र और डेमो चेक भी दिए गए. प्रशासन के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक रामगढ़ जिले में कुल 754 बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता का लाभ दिया जा रहा है. योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों की जरूरतों को पूरा करना है, जिन्हें परिवार या अन्य कारणों से देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है.
कार्यक्रम में विधायक ममता देवी ने कहा कि ‘मिशन वात्सल्य’ बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है. उन्होंने कहा कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता से बच्चों की पढ़ाई, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य और दूसरी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. आर्थिक परेशानी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई या उसका पालन-पोषण प्रभावित न हो, इसके लिए इस तरह की योजनाएं जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ आर्थिक मदद देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल और आगे बढ़ने के अवसर देना भी जरूरी है. कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने योजना का लाभ पाने वाले बच्चों और उनके परिवारों से भी बातचीत की.
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि ‘मिशन वात्सल्य’ का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक सहयोग देना है. जिला प्रशासन की कोशिश है कि रामगढ़ के सभी पात्र बच्चों को इस योजना से जोड़ा जाए. इसके लिए ग्रामीण इलाकों और पंचायत स्तर तक योजना की जानकारी पहुंचाई जा रही है, ताकि जरूरतमंद परिवार आवेदन कर इसका लाभ ले सकें. प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को पात्र बच्चों की पहचान करने और उन्हें योजना से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. कार्यक्रम के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा को लेकर सरकारी स्तर पर उपलब्ध सहायता का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना प्राथमिकता है.
रिपोर्ट- अनुज कुमार