आदिवासी एकता महाजुटान रैली: परिसीमन,MMDR,सरना धर्म कोड पर केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार

रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली का आयोजन किया गया.मंच पर आदिवासी समाज के नेताओं के साथ साथ कांग्रेस का प्रदेश नेतृव और कांग्रेस कोटे के कई विधायक और मंत्री,पूर्व मंत्री मौजूद रहे.

रांची(RANCHI): राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली का आयोजन किया गया.मंच पर आदिवासी समाज के नेताओं के साथ साथ कांग्रेस का प्रदेश नेतृव और कांग्रेस कोटे के कई विधायक और मंत्री,पूर्व मंत्री  मौजूद रहे. वहीं इस रैली में भाग लेने के लिए राज्य के कोने कोने से आदिवासी समाज के लोग लाखों लोग पहुंचे. रैली में कांग्रेस के नेताओं ने एक एक कर अपनी बात रखी साथ ही आखरी में चार प्रस्ताव पास किया गया.

Image

जिसमें परिसीमन,सरना धर्म कोड,MMDR,पेशा कानून की लड़ाई केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ने की बात कही गई. साथ ही सदन में इन मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू को ज्ञापन दिया गया. जिससे झारखंड के आदिवासियों की आवाज को राहुल गांधी के जरिए लोकसभा में उठाया जा सके.

Image

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि परिसीमन के जरिए राज्य में आदिवासी नेतृत्व को घटाने की एक साजिश रची जा रही है. केंद्र सरकार आदिवासी को ही खत्म करने की तैयारी में है. अलग अलग तरीके से आदिवासी को दबाने का काम केंद्र सरकार कर रही है. लेकिन झारखंड में आदिवासी एक जुट होकर केंद्र सरकार को आईना दिखाएंगे. अपने हक और अधिकार को किसी भी कीमत पर छीनने नहीं दिया जाएगा. कांग्रेस पार्टी आपके साथ मजबूती के साथ खड़ी रहेगी.

Image

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड ना कभी झुका है और ना झुकेगा. आरएसएस और भाजपा के मंसूबे को कभी कामयाब नहीं होने देंगे. यहाँ आदिवासी को बाटने की साजिश है. भाजपा अब परिसीमन के जरिए राज्य में 28 आरक्षित सीट को कम करने का सपना देख रही है. लेकिन यह भीड़ देख कर समझ जाए अभी आधे भी घर से नहीं निकले है. अभी तो आंदोलन की शुरुआत हुई है. अगर केंद्र सरकार नहीं चेतती है तो दिल्ली तक आंदोलन करेंगे. लेकिन राज्य में परिसीमन लागू नहीं होने देंगे. साथ ही केंद्र सरकार के खान और खनिज बिल और सरना धर्म कोड पर भी केंद्र सरकार को घेरा है.