मौसम ने फिर बदली करवट! झारखंड में बारिश के साथ बढ़ेगा तापमान, जानें अपने शहर का हाल

झारखंड में 28 सितंबर को कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है. रांची, जमशेदपुर और गिरिडीह में बारिश के आसार हैं, जबकि तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है.

मौसम ने फिर बदली करवट! झारखंड में बारिश के साथ बढ़ेगा तापमान, जानें अपने शहर का हाल

रांची (RANCHI): झारखंड में मौसम का मिजाज 28 सितंबर को भी बदला हुआ नजर आएगा. राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. हालांकि, 28 सितंबर के लिए राज्य में किसी बड़े मौसम अलर्ट की स्थिति नहीं है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा. बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के साथ आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

राजधानी रांची में 28 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं. रांची का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. जमशेदपुर में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. यहां बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बारिश की संभावना है. जमशेदपुर का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

धनबाद में 28 सितंबर को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है. हालांकि, कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. वहीं गिरिडीह में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. जिले में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 सितंबर के बाद झारखंड में बारिश की गतिविधियां और कमजोर पड़ सकती हैं. इसके साथ ही अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं. ऐसे में अगले कुछ दिनों में उमस और गर्मी का असर फिर बढ़ सकता है. फिलहाल 28 सितंबर को बारिश की संभावना वाले इलाकों में लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है. खासकर गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर होगा.