छात्रों की चेतावनी से रांची में हलचल, 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान
रांची में छात्र आंदोलन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है. 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी के बाद प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
रांची (RANCHI): छात्रों के आंदोलन के चलते एक बार फिर राजधानी रांची में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के बाद अब आंदोलनकारी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन को और तेज करने का फैसला किया है. छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी दी है. प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है.
मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है. इसके अलावा यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है. सुरक्षा इंतजामों और बदले हुए ट्रैफिक रूट का असर शहर के सामान्य आवागमन पर भी दिखाई दिया. कचहरी चौक सहित आसपास के कई इलाकों में लोगों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा. व्यस्त सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी हुई.
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 100 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है. अधिकारियों की ओर से कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों के साथ खुफिया विभाग की टीमों को भी सक्रिय किया गया है. इनकी ओर से आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों और संभावित भीड़ जुटने वाले स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है.
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी प्रशासन सतर्क है. आंदोलन स्थल के साथ आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है. प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. अधिकारियों के मुताबिक, शांति भंग करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस और संतोषजनक पहल नहीं हुई है. छात्रों का दावा है कि इसी वजह से आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया गया है. अब 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी. आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से आंदोलन की दिशा तय होने की संभावना है.