SIR में एक भी मतदाता का नहीं कटेगा नाम, बस इन बातों का रखें ध्यान, चुनाव आयोग ने दिया बड़ा बयान

SIR में एक भी मतदाता का नहीं कटेगा नाम, बस इन बातों का रखें ध्यान, चुनाव आयोग ने दिया बड़ा बयान

रांची (RANCHI): झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान चरण में केवल मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने, पुराने रिकॉर्ड से मिलान, दस्तावेजों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है. इस स्तर पर यह कहना कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं या उनके फॉर्म में व्यापक विसंगतियां मिली हैं, पूरी तरह गलत और भ्रामक है.

उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों का भी खंडन किया, जिनमें आदिवासी क्षेत्रों के प्रत्येक बूथ पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगति सूची में होने और लाखों आदिवासी मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई गई थी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी सूचना का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और लोगों को अफवाहों से दूर रहना चाहिए.

के. रवि कुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है. इस प्रक्रिया के दौरान यदि किसी मतदाता के नाम, उम्र, पिता, माता, पति या पत्नी के नाम अथवा अन्य विवरण में लिपिकीय त्रुटि सामने आती है, तो उसका सत्यापन कर उसे ठीक किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (AERO) संबंधित मतदाता को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सुधार करेंगे. इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है.

उन्होंने भरोसा दिलाया कि आदिम जनजाति और अन्य जनजातीय समुदायों के मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. यदि किसी मतदाता की मैपिंग में समस्या आती है या जानकारी में विसंगति मिलती है, तो अंचल कार्यालयों में उपलब्ध खतियान, वंशावली और अन्य सरकारी अभिलेखों के आधार पर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा. संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर वृद्ध, दिव्यांग और दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष वॉलेंटियर्स तैनात किए गए हैं. ये वॉलेंटियर्स इन्यूमरेशन फॉर्म भरने, दस्तावेज उपलब्ध कराने और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में मतदाताओं की मदद कर रहे हैं. उन्होंने जानकारी दी कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए एएसडीडी (ASDD) सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है. इसी क्रम में 22 जुलाई को बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक तथा चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा. इसमें सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने बीएलए-2 प्रतिनिधियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की गई है.

अंत में के. रवि कुमार ने दोहराया कि चुनाव आयोग का लक्ष्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा, जबकि अपात्र प्रविष्टियों को नियमानुसार हटाकर मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाया जाएगा.