रांची (RANCHI): JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई दे रहा है. परीक्षा के जरिए चयनित 1975 अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट आने के बाद वे लगातार सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं. चयनित अभ्यर्थियों ने अब अपने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को तिरंगा यात्रा निकालने का फैसला किया है. इसके जरिए वे सरकार तक अपनी बात पहुंचाने और चयन प्रक्रिया को लेकर न्याय की मांग करेंगे.
मोरहाबादी से शुरू होगी तिरंगा यात्रा
चयनित अभ्यर्थियों के मुताबिक गुरुवार शाम 5 बजे मोरहाबादी मैदान से तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी. यात्रा शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचेगी. इस दौरान बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों के शामिल होने की बात कही गई है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि तिरंगा यात्रा उनके आंदोलन का अगला चरण है. इससे पहले भी वे अलग-अलग तरीके से सरकार के फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. अब हाथों में तिरंगा लेकर वे अपनी मांग को सरकार और आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं.
एक फैसले से 1975 अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट
JSSC-CGL परीक्षा के जरिए चयनित 1975 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा रद्द होने का फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है. चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल करने के बाद इन अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद थी. कई अभ्यर्थियों ने चयन के बाद नौकरी की तैयारी में अपने भविष्य को लेकर कई फैसले लिए थे.
अब परीक्षा रद्द होने के बाद उनके सामने फिर से परीक्षा और चयन प्रक्रिया में शामिल होने की स्थिति बन गई है. इसी वजह से चयनित अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है. उनका कहना है कि गलती अगर परीक्षा प्रक्रिया में हुई है तो उसका असर उन अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए, जिन्होंने मेहनत करके परीक्षा पास की है.

सरकार के फैसले के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन
चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
अभ्यर्थी सरकार से अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट फैसला लेने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों को अचानक फिर से परीक्षा की प्रक्रिया में भेजना उनके साथ अन्याय है.
