मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना: रांची के दो मरीजों के इलाज के लिए 18 लाख स्वीकृत

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत रांची के दो मरीजों के इलाज के लिए 18 लाख रुपये जारी किए गए हैं. यह राशि CMC वेल्लोर को भेजी गई है, जहां दोनों मरीजों का गंभीर बीमारियों का इलाज होना है.

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना: रांची के दो मरीजों के इलाज के लिए 18 लाख स्वीकृत

रांची (RANCHI): झारखंड में गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में आर्थिक सहायता देने वाली मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत रांची जिले के दो मरीजों के इलाज के लिए कुल 18 लाख रुपये की राशि जारी की गई है. रांची के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी पत्र के अनुसार, यह राशि तमिलनाडु स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) वेल्लोर के खाते में NEFT के माध्यम से भेजी गई है. विभाग के मुताबिक, कोषागार रांची द्वारा 10 अगस्त 2026 को 18 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. यह राशि योजना के तहत समिति द्वारा निर्धारित स्वीकृति के आधार पर मरीजों के इलाज के लिए जारी की गई है. संबंधित दस्तावेज में दो मरीजों के गंभीर बीमारियों के उपचार का उल्लेख किया गया है. इनमें एक मरीज Acute Leukemia और दूसरे मरीज Severe Renal Failure से पीड़ित हैं. हालांकि, सरकारी पत्र में दोनों मरीजों के लिए स्वीकृत राशि का अलग-अलग विवरण दर्ज है, जबकि भुगतान के लिए कुल 18 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है.

सरकार की इस योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में आर्थिक मदद देना है. नोटिफिकेशन में CMC वेल्लोर को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि स्वीकृत राशि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को नकद भुगतान नहीं की जाएगी. मरीजों के इलाज के बाद यदि राशि बचती है, तो उसे जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति रांची के निर्धारित बैंक खाते में वापस जमा करना होगा. इसके लिए NEFT, RTGS, चेक या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से राशि लौटाने का प्रावधान बताया गया है. इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि सरकारी सहायता की राशि का इस्तेमाल केवल स्वीकृत इलाज और चिकित्सा सेवाओं के लिए ही हो.

नोटिफिकेशन में अस्पताल प्रबंधन को इलाज पर हुए खर्च का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. अस्पताल को मूल अभिश्रव यानी बिल और प्राप्ति रसीद के साथ व्यय विवरणी एक महीने के भीतर रांची के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी. पत्र की प्रतिलिपि संबंधित मरीजों और उनके परिजनों को भी सूचना के लिए भेजी गई है. इस आदेश से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत स्वीकृत सरकारी सहायता की राशि के उपयोग की निगरानी और खर्च का हिसाब रखने की व्यवस्था भी की गई है.