बरसात में स्ट्रीट फूड से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा, अस्पतालों में 25% बढ़े मरीज

बरसात में स्ट्रीट फूड से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा, अस्पतालों में 25% बढ़े मरीज

रांची (RANCHI): बरसात के मौसम में रांची में सड़क किनारे बिकने वाले खुले में खाना लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं. रिम्स, सदर अस्पताल और निजी अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों उल्टी, दस्त, फूड प्वाइजनिंग, टाइफाइड, पीलिया और तेज बुखार के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब 25 प्रतिशत बढ़ गई है. चिकित्सकों के अनुसार दूषित भोजन, गंदा पानी और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण हैं. कई मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है. रिम्स के मेडिसिन विभाग के अनुसार पिछले एक सप्ताह में पीलिया और फूड प्वाइजनिंग के मामलों में विशेष बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कुछ संक्रमित मरीजों को न्यूरोलॉजी और क्रिटिकल केयर यूनिट तक में इलाज के लिए भर्ती करना पड़ा.

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं. ऐसे में कई घंटे पहले तैयार किया गया या खुले में रखा भोजन खाने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. राजधानी के कोकर, लालपुर, मेन रोड, सर्कुलर रोड, रातू रोड, डोरंडा और मोरहाबादी समेत कई इलाकों में गोलगप्पे, चाट, छोले-भटूरे, ढूसका, पावभाजी, टिक्की, समोसा और जलेबी जैसे खाद्य पदार्थ खुले में बेचे जा रहे हैं. अधिकांश स्टॉल पर भोजन के आसपास मक्खियां मंडराती रहती हैं और साफ पानी व स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं. इससे संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है.

रिम्स के मेडिसिन विभाग के डॉ. जी. मिंज ने बताया कि सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में कई बार एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल किया जाता है. इससे हानिकारक रसायन बनने लगते हैं और फूड प्वाइजनिंग, पेट के संक्रमण तथा लीवर संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. चिकित्सकों ने लोगों को केवल ताजा और गर्म भोजन खाने, साफ-सफाई वाले प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने, उबला या बोतलबंद पानी पीने तथा खुले सलाद और कटे हुए फलों से बचने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि यदि उल्टी, दस्त या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को बरसात के मौसम में खान-पान को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है.