रांची (RANCHI): राजधानी रांची में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर के कारोबारी, होटल संचालक, दवा व्यवसायी और सरकारी योजनाओं से जुड़े अधिकारी तक उसके निशाने पर हैं. रंगदारी और धमकी भरे फोन कॉलों के कारण कारोबारियों में भय का माहौल है. स्थिति यह है कि कई पीड़ित पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने तक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान विदेश में बैठकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है. उसके गैंग के सदस्य झारखंड में सक्रिय हैं और लगातार कारोबारियों को फोन कर रंगदारी की मांग कर रहे हैं. पैसा नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है. पहले गैंग की ओर से ऑडियो मैसेज और व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकियां दी जाती थीं, लेकिन अब रंगदारी की रकम बढ़कर करोड़ों रुपये तक पहुंच गई है. कुछ मामलों में पांच करोड़ रुपये तक की मांग की गई है.
पिछले एक सप्ताह के दौरान ही रांची में रंगदारी से जुड़े चार से अधिक मामले सामने आए हैं. इनमें दवा कारोबारियों, होटल संचालकों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया गया. हालांकि, कई पीड़ित भय के कारण थाने तक नहीं पहुंचे और मामले दर्ज नहीं कराए. पिछले पांच महीनों में रंगदारी से जुड़े 61 से अधिक मामले कोर्ट में परिवाद के रूप में पहुंचे हैं. इससे स्पष्ट है कि लोगों का पुलिस तंत्र पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है और वे सीधे न्यायालय का सहारा लेने को मजबूर हैं.
रंगदारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रांची पुलिस ने अब एक विशेष जांच टीम का गठन किया है. इस टीम में सिटी एसपी समेत कई अनुभवी पुलिस अधिकारी शामिल हैं. जांच के दौरान पुलिस को संकेत मिले हैं कि प्रिंस खान गैंग को स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का सहयोग मिल रहा है. इसके अलावा, अपराधी विभिन्न वेबसाइटों और ऑनलाइन माध्यमों से कारोबारियों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां जुटाकर उन्हें धमकी भरे कॉल कर रहे हैं.
पुलिस ने ऐसे संदिग्ध नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ा दी है. अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही गैंग से जुड़े स्थानीय अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, शहर के कारोबारी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और कई लोग निजी सुरक्षा गार्डों की मदद लेने को मजबूर हो गए हैं.


