36 करोड़ की ठगी मामले में प्रेमसंस मोटर्स को राहत, डायरेक्टर पुनीत पोद्दार समेत चार आरोपियों को अग्रिम जमानत

36 करोड़ की ठगी मामले में प्रेमसंस मोटर्स को राहत, डायरेक्टर पुनीत पोद्दार समेत चार आरोपियों को अग्रिम जमानत

रांची (RANCHI): राजधानी रांची के चर्चित कार शोरूम प्रेमसंस मोटर्स से जुड़े धोखाधड़ी मामले में कंपनी के मालिकों और वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है. रांची सिविल कोर्ट ने मामले में नामजद चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की है. इसके बाद गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लग गई है और मामले की आगे की जांच जारी रहेगी.

अग्रिम जमानत पाने वालों में प्रेमसंस मोटर्स के डायरेक्टर पुनीत पोद्दार और अवध पोद्दार के अलावा कंपनी के सेल्स मैनेजर शैलेश कुमार तथा जनरल मैनेजर लिंगराज पत्ताजोशी शामिल हैं. सभी आरोपियों ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बाद कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें राहत दे दी.

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विवेक आर्य के भाई ने प्रेमसंस मोटर्स से एक कार खरीदने के लिए भुगतान किया. आरोप है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान कुछ ऐसे दस्तावेज और जानकारियां सामने आईं, जिनसे कंपनी के कामकाज पर सवाल खड़े हुए. इसके बाद अधिवक्ता विवेक आर्य ने मामले की जांच कराते हुए संबंधित पक्षों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी सुनियोजित तरीके से ग्राहकों को गुमराह कर आर्थिक नुकसान पहुंचाती रही है. प्राथमिकी में दावा किया गया है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए हर वर्ष करीब 36 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जाती है. शिकायत में कहा गया है कि ग्राहकों को विभिन्न तरीकों से भ्रमित कर उनके साथ वित्तीय अनियमितता की जाती रही है.

इस पूरे मामले को लेकर रांची के चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है. फिलहाल, अदालत द्वारा अग्रिम जमानत मिलने से आरोपियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इससे उनके खिलाफ दर्ज आरोप समाप्त नहीं हुए हैं. मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी. इसके बाद साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.