रांची : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (RSJM/FANS) एवं सेवा जागरूकता मंच के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रांची में "भारतीय सेना की शौर्य गाथा" विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता तथा भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना था.
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक शांति मंत्र के साथ हुआ. सेवा जागरूकता मंच के महामंत्री वी.एन. पांडेय ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्व उप सेनाध्यक्ष (Ex Vice Chief, Indian Army) एवं राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (RSJM/FANS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) ए.एस. लाम्बा ने अपने संबोधन में भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कारगिल युद्ध में वीर सैनिकों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन का पालन करने तथा सेवा भावना के साथ समाज और देश के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, झारखंड एवं सेवा जागरूकता मंच के अध्यक्ष तथा पूर्व चेयरमैन, CIL, CCL एवं BCCL गोपाल सिंह ने की. उन्होंने कहा, कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सेना के पराक्रम का प्रतीक होने के साथ-साथ युवाओं को संघर्ष और सफलता का मूल मंत्र भी सिखाता है.
अपने संबोधन में उन्होंने प्रेरक पंक्तियां भी साझा कीं :
"विघ्नों से हम लड़ेंगे,
गिरेंगे फिर चढ़ेंगे, हिम्मत नहीं हारेंगे.
कोई ताक़त नहीं जो हमें रोक सके,
लक्ष्य तो हम अवश्य पाएंगे.
कारगिल का इतिहास फिर दोहराएँगे,
तिरंगा तो हम आसमाँ में ही लहराएँगे."
कार्यक्रम का संचालन अंजन कुमार ने किया. समापन अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, रांची के संयोजक अमित कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का समापन भी शांति मंत्र के साथ हुआ.
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे. सभी ने भारतीय सेना के वीर जवानों के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को राष्ट्रभावना को मजबूत करने वाला बताया.

