रांची में बिना अनुमति चल रहे हॉस्टल-लॉज पर निगम की सख्ती, 5 सितंबर तक का अल्टीमेटम

रांची नगर निगम ने बिना अनुमति चल रहे हॉस्टल, लॉज, बैंक्वेट हॉल, विवाह भवन और धर्मशालाओं के संचालकों को 5 सितंबर 2026 तक अनुमति लेने का अल्टीमेटम दिया है. डेडलाइन के बाद नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो सकती है.

रांची में बिना अनुमति चल रहे हॉस्टल-लॉज पर निगम की सख्ती, 5 सितंबर तक का अल्टीमेटम

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में कई हॉस्टल, लॉज, बैंक्वेट हॉल, विवाह भवन और धर्मशालाएं बिना नगर निगम की अनुमति के चल रही हैं. अब नगर निगम ने ऐसे संचालकों को नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है. निगम ने अनुमति लेने के लिए 5 सितंबर 2026 तक का समय दिया है. संचालकों को नगर निगम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. हालांकि, केवल आवेदन करने से प्रतिष्ठान चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी. आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम की ओर से मंजूरी मिलना जरूरी होगा. इसके बाद ही हॉस्टल, लॉज या अन्य प्रतिष्ठान को नियम के अनुसार संचालित किया जा सकेगा.

नगर निगम की नजर खास तौर पर हॉस्टल और लॉज पर है. इन जगहों पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और अन्य लोग रहते हैं. ऐसे में सुरक्षा, स्वच्छता और जरूरी नियमों के पालन को लेकर निगम इन प्रतिष्ठानों को नियमित करने की दिशा में कदम उठा रहा है. निगम ने संचालकों से कहा है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आवेदन करें और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करें. अधिकारियों के अनुसार, अनुमति व्यवस्था का उद्देश्य शहर में संचालित ऐसे प्रतिष्ठानों को नियमों के दायरे में लाना और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाओं व सुरक्षा को सुनिश्चित करना है.

5 सितंबर की डेडलाइन खत्म होने के बाद नगर निगम बिना अनुमति संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान शुरू कर सकता है. जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है. गंभीर स्थिति में प्रतिष्ठान को सील करने का प्रावधान भी है. ऐसे में जिन हॉस्टल, लॉज, बैंक्वेट हॉल, विवाह भवन और धर्मशालाओं ने अब तक अनुमति नहीं ली है, उनके संचालकों के पास प्रक्रिया पूरी करने के लिए सीमित समय बचा है. निगम की कार्रवाई के बाद बिना अनुमति कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों पर बंदी का खतरा भी बढ़ सकता है.