रांची: कलकत्ता पब्लिक स्कूल में कृष्णाष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चे

रांची के ओरमांझी स्थित कलकत्ता पब्लिक स्कूल में कृष्णाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया. राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे 100 से अधिक बच्चों ने नृत्य, रासलीला और मटकी-फोड़ कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

रांची: कलकत्ता पब्लिक स्कूल में कृष्णाष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चे

रांची (RANCHI): जिले के ओरमांझी स्थित कलकत्ता पब्लिक स्कूल परिसर में कृष्णाष्टमी का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया. इस खास मौके पर स्कूल का पूरा परिसर राधा और कृष्ण की वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों से खिल उठा. प्री-प्राइमरी कक्षा के 100 से अधिक बच्चों ने बाल गोपाल की प्रतिमा के सामने राधा-कृष्ण की आकर्षक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. बच्चों ने राधा-कृष्ण से जुड़े गीतों पर नृत्य किया और रासलीला की मनमोहक प्रस्तुति दी. एक साथ कई गोपियों के साथ कृष्ण बने बच्चों का नृत्य कार्यक्रम का खास आकर्षण रहा. बच्चों की मासूम अदाओं और पारंपरिक परिधानों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया.

कार्यक्रम के दौरान स्कूल की प्राचार्या प्रियम्दा झा ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन से कर्तव्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार सीखने के लिए प्रेरित किया. साथ ही राधा और कृष्ण के संबंध और कृष्ण के जीवन में राधा की भूमिका के बारे में भी बच्चों को बताया गया. स्कूल प्रबंधन का कहना था कि कृष्णाष्टमी सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का भी अवसर है. ऐसे आयोजनों के जरिए छोटे बच्चों को अपनी संस्कृति को समझने और उसे करीब से जानने का मौका मिलता है.

कार्यक्रम में स्कूल के निदेशक मिथिलेश कुमार मिश्र के साथ प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. शिक्षकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया. पूरे कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा. अंत में राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चों को माखन का भोग कराया गया और पारंपरिक मटकी-फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बच्चों ने मटकी-फोड़ में भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया. माखन भोग और मटकी-फोड़ के साथ कृष्णाष्टमी समारोह का समापन हुआ. स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों को मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण के आदर्शों से जोड़ने का संदेश भी दिया.