14 वीं JPSC रिजल्ट पर सवाल,भाजपा युवा मोर्चा करेगी आयोग का घेराव,बड़े आंदोलन का ऐलान    

14 वीं JPSC रिजल्ट पर सवाल,भाजपा युवा मोर्चा करेगी आयोग का घेराव,बड़े आंदोलन का ऐलान

रांची(RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग यानि JPSC फिर विवादों में है. 14 वीं jpsc परीक्षा पर छात्रों के बाद राजनीतिक दल ने सवाल उठाया है.भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया. भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर पोस्टर जारी किया. साथ ही 20 से 22 जुलाई तक आंदोलन का ऐलान किया है.   

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JPSC को रोजगार व्यापार कार्यालय बना दिया     

इस दौरान शशांक राज ने कहा कि जिस आयोग पर राज्य के युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वह विवादों में है. आयोग में घपले घोटाले और रोजगार को व्यापार बनाने का कार्यालय बना दिया गया.हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे. ऐसा पहली बार हुआ जब बिना हस्ताक्षर के रिजल्ट जारी किए गए हो.   

20 जुलाई सोशल मीडिया कैम्पेन,21 जुलाई मशाल जुलूस और 22 जुलाई JPSC घेराव  

उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे ही राज्य के नौजवानों का भविष्य बर्बाद नही होने देगी. भारतीय जनता युवा मोर्चा 20 जुलाई को JPSC के खिलाफ प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया कैंपेन चलाएगी, 21 जुलाई को झारखंड में मशाल जुलूस निकालकर युवाओं के आक्रोश को बुलंद करेगा साथ ही 22 जुलाई को "चलो JPSC घेरते हैं" अभियान के तहत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च करते हुए घेराव किया जाएगा. इस दौरान "JPSC सफाई अभियान" भी चलाया जाएगा.

छात्रों के साथ भाजपा युवा मोर्चा मजबूती के खड़ी रहेगी

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है.  भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा. उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के कार्यकाल में बिना सभी आवश्यक हस्ताक्षरों के कभी परिणाम जारी नहीं किए जाते थे.  उन्होंने वर्ष 2011-13 JPSC प्रकरण का उल्लेख करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए.

रात के अंधेरे में पहली बार आया रिजल्ट

उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही कॉपियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं. आयोग परीक्षा का कट-ऑफ भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है.  उन्होंने कहा कि परिणाम देर रात लगभग 12 बजे जारी किए जाते हैं और आयोग वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने में भी विफल रहा है.  यह स्थिति युवाओं के साथ अन्याय है.

अन्य राज्यों के तर्ज पर झारखंड में भी उम्र सीमा में मिले छूट

शशांक राज ने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक है, जबकि झारखंड के लाखों अभ्यर्थी कम आयु सीमा के कारण अवसरों से वंचित हो रहे हैं. उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल आयु सीमा बढ़ाने की मांग की.