साइबर अपराध पर शिकंजा कसने की तैयारी, झारखंड में 116 दारोगाओं को इंस्पेक्टर का हुआ प्रोफार्मा प्रमोशन

झारखंड में साइबर अपराध की जांच तेज करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने 20 जिलों के 116 सब इंस्पेक्टरों को इंस्पेक्टर की कोटि में प्रोफार्मा प्रमोशन दिया है.

साइबर अपराध पर शिकंजा कसने की तैयारी, झारखंड में 116 दारोगाओं को इंस्पेक्टर का हुआ प्रोफार्मा प्रमोशन

रांची (RANCHI): झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध और आईटी एक्ट से जुड़े मामलों की जांच को तेज करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. राज्य के 20 जिलों में तैनात 116 सब इंस्पेक्टरों को इंस्पेक्टर की कोटि में प्रोफार्मा प्रमोशन दिया गया है. इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य साइबर और आईटी एक्ट से जुड़े मामलों की जांच में आ रही अड़चन को दूर करना है. मौजूदा व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को अनुसंधानकर्ता के तौर पर अधिकृत किया जाता है. लेकिन कई जिलों में इंस्पेक्टरों की कमी के कारण साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच प्रभावित हो रही थी. जिलों के एसएसपी और एसपी की ओर से भेजी गई अनुशंसाओं के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने विशेष परिस्थिति में यह व्यवस्था लागू की है. इसके तहत संबंधित सब इंस्पेक्टर अब इंस्पेक्टर के अधिकार के साथ निर्धारित साइबर और आईटी एक्ट के मामलों की जांच कर सकेंगे.

पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि यह प्रोफार्मा प्रमोशन सामान्य विभागीय प्रोन्नति नहीं है. इसे केवल कार्यहित में लागू की गई अस्थायी विशेष व्यवस्था के तौर पर देखा जाएगा. इस व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारियों को इंस्पेक्टर पद के आधार पर कोई अतिरिक्त वेतन, वित्तीय लाभ या अन्य सेवा संबंधी फायदा नहीं मिलेगा. उन्हें मुख्य रूप से आईटी एक्ट और साइबर अपराध से जुड़े मामलों के अनुसंधान के लिए इंस्पेक्टर स्तर का अधिकार दिया गया है.

पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार 20 जिलों के कुल 116 सब इंस्पेक्टर इस व्यवस्था के दायरे में आए हैं. इनमें हजारीबाग से 10, पलामू से 10, धनबाद से 9, लोहरदगा, चतरा, बोकारो, गिरिडीह और गढ़वा से 8-8 अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा चाईबासा और खूंटी से 7-7, दुमका और जामताड़ा से 6-6, लातेहार-गोड्डा और सरायकेला से 5-5, जमशेदपुर, गुमला और रामगढ़ से 4-4, कोडरमा से 3 और पाकुड़ से 2 सब इंस्पेक्टरों को प्रोफार्मा प्रमोशन दिया गया है.

पुलिस मुख्यालय के इस फैसले से उन जिलों में साइबर अपराध के मामलों की जांच को गति मिलने की उम्मीद है, जहां इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की कमी के कारण अनुसंधान लंबित हो रहा था. अब प्रोफार्मा प्रमोशन पाने वाले अधिकारी निर्धारित मामलों में इंस्पेक्टर के अधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. झारखंड में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और आईटी एक्ट से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में पुलिस की जांच व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इस फैसले को अहम कदम माना जा रहा है.