JPSC-JSSC विवाद पर गरमाई सियासत, छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच BJP की बैठक

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विधानसभा घेराव के ऐलान से रांची में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. वहीं, BJP ने बाबूलाल मरांडी के आवास पर बैठक कर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की.

JPSC-JSSC विवाद पर गरमाई सियासत, छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच BJP की बैठक

रांची (RANCHI): JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. हजारों अभ्यर्थियों ने आज विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, जिसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र और अभ्यर्थी पुरानी विधानसभा मैदान और आसपास के क्षेत्रों में जुटने लगे हैं. प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पुरानी विधानसभा से लेकर वर्तमान विधानसभा परिसर तक व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.

छात्रों के आंदोलन के बीच विपक्षी दल BJP ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के मोराबादी स्थित आधिकारिक आवास पर BJP विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. बैठक में पार्टी के लगभग सभी विधायक शामिल हुए हैं. बैठक का उद्देश्य छात्रों की मांगों और परीक्षा विवाद को लेकर सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की रणनीति तैयार करना है. BJP नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है और इससे हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. पार्टी का कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं, विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी का राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. छात्रों के प्रदर्शन और BJP की रणनीतिक बैठक के बीच सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. दूसरी ओर, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में होने वाले गरिमामय उद्घाटन समारोह पर भी सभी की नजर है, जिसमें राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य अतिथि शामिल होंगे. ऐसे में एक ओर जहां सरकारी कार्यक्रम की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रों का आंदोलन और विपक्ष की सक्रियता झारखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है.