JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड बंद का आंशिक असर: सड़क पर उतरे BJP कार्यकर्ता, कई जगह टायर जलाकर किया प्रदर्शन

JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP ने 11 अगस्त को झारखंड बंद बुलाया है. रांची समेत कई इलाकों में प्रदर्शन और सड़क जाम की स्थिति बनी.

JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड बंद का आंशिक असर: सड़क पर उतरे BJP कार्यकर्ता, कई जगह टायर जलाकर किया प्रदर्शन

रांची (RANCHI): झारखंड में JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने आज, 11 अगस्त को राज्यव्यापी झारखंड बंद बुलाया है. भाजपा की ओर से यह बंद सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक रखा गया है. पार्टी ने बंद को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ताओं से सड़क पर उतरने की अपील की है.

बंद का ऐलान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में किया गया. भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन में जिस तरह पुलिस कार्रवाई की गई, वह उचित नहीं है. इसी के विरोध में पार्टी ने राज्यव्यापी बंद का फैसला लिया है.

रांची में सुबह से ही प्रदर्शन, कई जगह सड़क जाम
बंद का असर राजधानी रांची में सुबह से ही दिखाई देने लगा. शहर के कई प्रमुख इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. किशोरगंज और किशोरी यादव चौक के आसपास कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया. इसके अलावा रातू रोड और हरमू चौक पर भी प्रदर्शन देखने को मिला. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच टायर जलाकर यातायात रोक दिया. इससे इन इलाकों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई. पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है.

15 घंटे के बंद में जरूरी सेवाओं को छूट
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान आम लोगों की जरूरी सेवाओं को प्रभावित नहीं किया जाएगा. पार्टी के मुताबिक एम्बुलेंस, अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है. इसके अलावा सावन के दौरान देवघर जाने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के वाहनों को भी आवाजाही की अनुमति दी गई है. यानी धार्मिक यात्रा और आपातकालीन जरूरतों के लिए रास्ते खुले रखने की बात कही गई है.

बंद को देखते हुए स्कूलों की स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन ने संस्थानों को अपने स्तर पर परिस्थितियों का आकलन करने की सलाह दी है. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर फैसला ले सकते हैं. दरअसल, JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों की मांगों और आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. भाजपा ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. अब नजर इस बात पर है कि बंद का राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कितना असर दिखाई देता है और सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.