रांची में जुटेंगे देशभर के 1,000 से ज्यादा नेत्र विशेषज्ञ, तीन दिनों तक नई तकनीकों और इलाज पर होगी चर्चा
रांची पहली बार नेत्र चिकित्सा से जुड़े बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने जा रही है. AIOS की 5वीं मिडटर्म नेशनल कॉन्फ्रेंस 25 से 27 सितंबर तक होटल चाणक्य बीएनआर में होगी, जिसमें देशभर से 1,000 से ज्यादा नेत्र विशेषज्ञ, शोधकर्ता और युवा डॉक्टर शामिल होंगे.
रांची (RANCHI): राजधानी रांची पहली बार नेत्र चिकित्सा से जुड़े एक बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने जा रही है. ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी यानी AIOS की 5वीं मिडटर्म राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 25 से 27 सितंबर तक होटल चाणक्य बीएनआर में आयोजित होगी. इसमें देशभर से 1,000 से ज्यादा नेत्र विशेषज्ञ, शोधकर्ता, शिक्षक और युवा डॉक्टर शामिल होंगे.
सम्मेलन को लेकर गुरुवार को कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जहां कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की गई.
25 सितंबर को होगा उद्घाटन
कॉन्फ्रेंस का औपचारिक उद्घाटन 25 सितंबर की शाम 6 बजे होगा. कार्यक्रम में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. वहीं IMA के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. दीपक धर चौधरी और स्वास्थ्य सचिव डॉ. अजय कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे.
नई तकनीकों पर तीन दिनों तक होगी चर्चा
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. भारती कश्यप के मुताबिक झारखंड में पहली बार नेत्र चिकित्सा का इतना बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है. इससे राज्य के युवा डॉक्टरों को देश के अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलेगा.
तीन दिनों के दौरान आंखों की बीमारियों के आधुनिक इलाज, नई सर्जिकल तकनीकों, लेजर टेक्नोलॉजी, एडवांस जांच और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा होगी.
युवा डॉक्टरों को मिलेगा सीखने का मौका
ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. बी.पी. कश्यप ने बताया कि सम्मेलन का मकसद नई तकनीकों और विशेषज्ञों के अनुभव को स्थानीय डॉक्टरों तक पहुंचाना है.
डॉ. प्रीतेश प्रणॉय के मुताबिक जटिल नेत्र रोगों और उनके इलाज पर विशेषज्ञ जानकारी साझा करेंगे. वहीं डॉ. निलेंदु मिश्रा ने बताया कि पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों और युवा डॉक्टरों के लिए विशेष वैज्ञानिक सत्र और केस डिस्कशन भी होंगे.
आयोजकों को उम्मीद है कि इस सम्मेलन से झारखंड के डॉक्टरों को आधुनिक नेत्र चिकित्सा की नई तकनीकों को समझने का मौका मिलेगा और आगे इसका फायदा राज्य के मरीजों तक भी पहुंचेगा.