Amity University रांची में Startup Conclave, Experts बोले - जॉब करने से बेहतर है Job Create करना

Amity University रांची  में Startup Conclave, Experts बोले - जॉब करने से बेहतर है Job Create करना

रांची(Ranchi): आज के समय में युवा सिर्फ नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि खुद का कुछ नया शुरू करने और दूसरों को रोजगार देने का सपना भी देख रहे हैं. इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड लगातार अपने छात्रों को स्टार्टअप और बिजनेस की दुनिया से जोड़ने का काम कर रही है. इसी कड़ी में यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के कई स्टार्टअप एक्सपर्ट्स और उद्यमी शामिल हुए.

स्टार्टअप एक्सपर्ट ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

कार्यक्रम में स्टार्टअप एक्सपर्ट माणिक कुमार महतो ने छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि "नौकरी लेने से बेहतर है नौकरी देने वाला बनें." उन्होंने कहा कि आज युवाओं के पास नए आइडिया और कुछ अलग करने की क्षमता है. जरूरत है तो बस सही दिशा और मेहनत की. उन्होंने छात्रों को बताया कि किसी भी स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटे से आइडिया से होती है, लेकिन उसे सफल बनाने के लिए सही प्लानिंग, मेहनत और धैर्य जरूरी होता है.

उन्होंने कहा कि युवा अगर अपने आइडिया पर भरोसा करें और उसे सही तरीके से आगे बढ़ाएं तो वे खुद का बिजनेस खड़ा कर सकते हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे सकते हैं.

भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के वाइस चांसलर Prof. (Dr.) Ashok K. Srivastava ने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. देश के युवाओं में नई सोच और कुछ नया करने का जुनून है. अगर उन्हें सही मौका और मार्गदर्शन मिले तो भारत कई क्षेत्रों में अमेरिका और चीन जैसे देशों को भी पीछे छोड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि अमिटी यूनिवर्सिटी का मकसद सिर्फ छात्रों को डिग्री देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा तैयार करना है कि वे अपने विचारों के साथ आगे बढ़ सकें और समाज के लिए कुछ नया कर सकें.

छात्रों को स्टार्टअप और इंडस्ट्री से जोड़ रही अमिटी

Prof. Srivastava ने कहा कि यूनिवर्सिटी लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहती है, जहां छात्रों को स्टार्टअप फाउंडर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीखने का मौका मिलता है. इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि अपने आइडिया को कैसे एक सफल बिजनेस में बदला जा सकता है.

उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की कोशिश है कि झारखंड के ज्यादा से ज्यादा युवा स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखें और अपनी अलग पहचान बनाएं.

छोटे शहरों में भी है बड़ी प्रतिभा

उन्होंने कहा कि झारखंड के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं में भी काफी क्षमता है. खूंटी, चतरा और राज्य के कई जिलों से अच्छे स्टार्टअप सामने आए हैं. यह दिखाता है कि प्रतिभा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. अगर युवाओं को सही मंच मिले तो वे कहीं से भी सफलता हासिल कर सकते हैं.

स्किल डेवलपमेंट पर भी यूनिवर्सिटी का फोकस

अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, लॉ, कंप्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी और कॉमर्स जैसे कई कोर्स संचालित किए जाते हैं. इसके साथ ही छात्रों के स्किल डेवलपमेंट पर भी खास ध्यान दिया जाता है.

यूनिवर्सिटी समय-समय पर वर्कशॉप, गेस्ट लेक्चर, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, इंटर्नशिप और इनोवेशन प्रोग्राम आयोजित करती है, ताकि छात्र सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें काम की दुनिया की भी समझ मिले.

छात्रों को मिली नई सोच और नई दिशा

स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान छात्रों ने एक्सपर्ट्स से बातचीत की और स्टार्टअप शुरू करने से जुड़ी कई जरूरी बातें सीखीं. इस कार्यक्रम ने छात्रों को अपने आइडिया पर काम करने और भविष्य में कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया.

अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड का यह प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्टार्टअप की राह पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है. ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नई सोच देते हैं और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का हौसला भी देते हैं.