रांची (RANCHI): झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. धनबाद में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा समेत कुल पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोलियां भी बरामद की हैं. खास बात यह रही कि पूरे ऑपरेशन के दौरान एक भी गोली नहीं चली.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार नक्सलियों के पास से तीन AK-47 राइफल, आठ मैगजीन और 288 जिंदा गोलियां बरामद की गई हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस कार्रवाई को झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी उपलब्धि मान रही हैं. आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह झारखंड पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन है. उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से यह सफलता मिली है. उनका कहना है कि राज्य में नक्सलियों का प्रभाव अब लगभग खत्म हो चुका है और सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं.
सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने कहा कि बीते दो दिन सुरक्षा बलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे. उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया गया. इस अभियान में मिसिर बेसरा समेत कुल पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे ऑपरेशन में एक भी गोली नहीं चली और यह झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और जगुआर की बेहतर तालमेल का नतीजा है.
DGP तदाशा मिश्रा ने इस कार्रवाई को राज्य पुलिस के लिए स्वर्णिम दिन बताया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में लगातार नक्सलियों की गिरफ्तारी, सरेंडर और मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. इससे साफ है कि नक्सलियों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सूचनाओं के तेज आदान-प्रदान की वजह से ऐसे ऑपरेशन सफल हो रहे हैं. डीजीपी तदाशा मिश्रा ने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में और बड़ी सफलताएं मिलेंगी. उन्होंने कहा कि राज्य में अब बहुत कम नक्सली बचे हैं और उनके खिलाफ भी लगातार अभियान जारी है. साथ ही उन्होंने बताया कि असीम मंडल को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है.
