रांची(RANCHI): झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है. राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन के बाद अब चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर महागठबंधन ने कई सवाल उठाए हैं. इस संबंध में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश,मंत्री राधाकृष्ण किशोर, बंधु तिर्की, जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य समेत कई नेता मौजूद रहे.
महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि उनके दोनों उम्मीदवारों ने तय प्रक्रिया के अनुसार नामांकन दाखिल किया है. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में कई त्रुटियां सामने आईं, जिन पर कांग्रेस उम्मीदवार के प्रस्तावक ने आपत्ति दर्ज कराई. नेताओं का आरोप है कि गंभीर गलतियां पाए जाने के बावजूद नथवानी को दस्तावेजों में सुधार के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, जबकि अन्य मामलों में इतनी राहत नहीं दी जाती है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश में एक उम्मीदवार का नामांकन बहुत कम समय में निरस्त कर दिया गया था, लेकिन झारखंड में अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं. नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची पहले ही उपलब्ध करा दी जाती है, इसलिए बाद में सुधार का अवसर देना कई सवाल खड़े करता है.
जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही उनकी पार्टी ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार संदेह पैदा हो रहा है. उनका कहना था कि महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल है और यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो तो दोनों सीटों पर उनकी जीत तय है.
महागठबंधन नेताओं ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी जानबूझकर परिमल नाथवानी का समर्थन कर रही है. उनका आरोप है कि भाजपा का उद्देश्य चुनाव को अनावश्यक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाना और राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करना है. नेताओं ने कहा कि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं और किसी भी तरह की राजनीतिक खरीद-फरोख्त की कोशिश को सफल नहीं होने देंगे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है. नेताओं ने दावा किया कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं, जिन पर स्पष्टीकरण मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उम्मीदवारों द्वारा अपनी व्यावसायिक और अन्य जानकारियों का पूरा विवरण क्यों नहीं दिया गया.
महागठबंधन के नेताओं ने विश्वास जताया कि उनके उम्मीदवार प्रणव कुमार झा और बैद्यनाथ राम को पर्याप्त समर्थन मिलेगा और दोनों सीटों पर गठबंधन की जीत होगी. उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में है तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा.
रिपोर्ट: सौम्या शुक्ला

