छात्रों की परेशानी पर मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने CM हेमंत से की मुलाकात

छात्रों की परेशानी पर मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने CM हेमंत से की मुलाकात

रांची (RANCHI): केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से कोडरमा जिले के विद्यार्थियों से जुड़े विश्वविद्यालय संबद्धता के मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया.

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कोडरमा जिले के सभी कॉलेजों को पहले विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से संबद्ध किया गया था, लेकिन बाद में इन्हें सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से जोड़ दिया गया. इस बदलाव के कारण जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.

उन्होंने बताया कि गिरिडीह की दूरी कोडरमा से 100 किलोमीटर से अधिक है, जबकि हजारीबाग अपेक्षाकृत नजदीक पड़ता है. ऐसे में विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों के लिए विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि इस फैसले के विरोध में जिले के छात्र आंदोलन कर रहे हैं और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया कि सरकार जल्द ही संबंधित विभाग से चर्चा कर उचित निर्णय लेने का प्रयास करेगी.

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अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि उन्हें वर्ष 2024 में ही इस विषय की जानकारी मिली थी. इसके बाद उन्होंने अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर कोडरमा के कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से ही संबद्ध रखने का आग्रह किया था. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए जल्द कोई सकारात्मक फैसला लेगी.

मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार यह कार्यक्रम चला रही है और झारखंड में इसकी शुरुआत दो वर्ष पहले हो चुकी है. उन्होंने कहा कि संस्थान की स्थापना के लिए राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था. इस पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खूंटी के आसपास उपयुक्त जमीन चिन्हित की गई है और जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे संस्थान के लिए आवंटित किया जाएगा.