रांची (RANCHI): राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब बड़े स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय के मुताबिक, विभिन्न श्रेणियों में आने वाले कुल 63 लाख 24 हजार 116 मतदाताओं को निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे. इन मामलों में संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा और उनके दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
फिलहाल प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में राज्य के 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 मतदाताओं के नाम शामिल हैं. इनमें सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है, जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां (लॉजिकल एरर) पाई गई हैं. ऐसे 45 लाख 55 हजार 227 मतदाताओं के रिकॉर्ड की अलग-अलग स्तर पर जांच की जाएगी. इसके अलावा 14 लाख 3 हजार 205 ऐसे मतदाता हैं, जिनके रिकॉर्ड में नो-मैपिंग की स्थिति सामने आई है. इन मतदाताओं को भी नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा, ताकि उनके रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके.
वहीं 3 लाख 65 हजार 684 मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम जनांकिकीय सम-प्रविष्टि (डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री - DSE) की श्रेणी में पाए गए हैं. इन मामलों में भी निर्वाचन अधिकारियों द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी. यदि किसी मतदाता के रिकॉर्ड में समान जानकारी या अन्य प्रकार की विसंगति पाई जाती है तो उसकी पुष्टि दस्तावेजों और व्यक्तिगत सुनवाई के आधार पर की जाएगी. निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना प्रक्रिया पूरी किए सूची से नहीं हटाया जाएगा. सभी संबंधित मतदाताओं को पहले नोटिस भेजा जाएगा, फिर उन्हें अपना पक्ष रखने और आवश्यक प्रमाण पत्र जमा करने का पूरा अवसर मिलेगा. इसके बाद ही नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है. इसके लिए सभी मामलों का पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाएगा, ताकि पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें और भविष्य में चुनाव प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बन सके.

