झारखंड शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल! 134 लिपिकों का तबादला

झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर में 134 लिपिकों का संवर्ग निर्धारण और बड़े पैमाने पर तबादला किया गया.

झारखंड शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल! 134 लिपिकों का तबादला

रांची (RANCHI): झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के निर्देश के बाद प्रमंडलीय स्थापना समिति की बैठक में लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मचारियों के तबादले का फैसला लिया गया. क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक कुमारी नीलम की पहल पर 12 सितंबर को कई कार्यालय आदेश जारी किए गए. नियमावली 2010 के तहत कर्मचारियों को जिला और प्रमंडल संवर्ग चुनने का एकबारीय मौका दिया गया. कुल 134 लिपिकों में 102 ने प्रमंडल संवर्ग, जबकि 28 ने जिला संवर्ग चुना.

तबादले की कार्रवाई में तीन साल से अधिक समय से एक ही कुर्सी पर काम कर रहे 15 लिपिकों को दूसरी जगह भेजा गया. वहीं, छह साल से अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थ 27 लिपिकों का भी अंतर-जिला तबादला किया गया. इसके अलावा आठ साल से एक ही जिले में जमे नौ लिपिकों को भी स्थानांतरित किया गया है. तबादलों में हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और कोडरमा के कई कर्मचारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है. जिला संवर्ग चुनने वाले 28 लिपिकों में धनबाद के 10, गिरिडीह के 10, बोकारो के 3, हजारीबाग के 3, कोडरमा और रामगढ़ के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं. इनमें 26 को उनके आवंटित जिले में ही पदस्थापित कर दिया गया है.

वहीं, गंभीर असाध्य बीमारी या दिव्यांगता प्रमाण पत्र वाले सात लिपिकों को उनकी सुविधा के अनुसार पदस्थापित कर राहत दी गई है. विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर नए स्थान पर योगदान कराना सुनिश्चित करें. साथ ही सेवा पुस्तिका में संवर्ग की प्रविष्टि दर्ज करना अनिवार्य किया गया है. आदेश में साफ कहा गया है कि भविष्य में संवर्ग परिवर्तन का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा. विभाग को उम्मीद है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों के तबादले से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ेगी. इसे उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है.