रांची (RANCHI): झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता रिम्स के निदेशक ने की, जिसमें चिकित्सा अधीक्षक, आयुष्मान भारत योजना के नोडल पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
बैठक के दौरान अस्पताल में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों ने सी-डैक (C-DAC) द्वारा विकसित हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) की प्रगति की समीक्षा करते हुए इससे जुड़े सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उद्देश्य यह है कि अस्पताल की सभी प्रमुख सेवाएं डिजिटल माध्यम से संचालित हों, जिससे मरीजों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें.
समीक्षा बैठक में मरीजों की भर्ती (Admission) और अस्पताल से छुट्टी (Discharge) की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से कागजी प्रक्रियाओं में कमी आएगी, समय की बचत होगी और मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके साथ ही अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा.
बैठक में आयुष्मान भारत योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र मरीजों तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया. इसके तहत इलाज की उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार करने, तकनीकी संसाधनों को मजबूत बनाने, प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर सहमति बनी. अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी.
साथ ही यह निर्णय लिया गया कि अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण का उद्देश्य नई डिजिटल व्यवस्था और ऑनलाइन प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.
बैठक को संबोधित करते हुए रिम्स निदेशक ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का मूल उद्देश्य पात्र मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है. इसे सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीक का अधिकतम उपयोग और समयबद्ध तरीके से कार्यों का निष्पादन बेहद आवश्यक है. उन्होंने सभी अधिकारियों से तय समय सीमा के भीतर जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया.

