रांची(RANCHI): राजधानी में एक बार फिर साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क को लेकर सुर्खियों में है. गोंदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित साइबर क्रिमिनल गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी पहचान पत्र और बैंक खातों के जरिए ठगी करने वाले पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई चांदनी चौक, धावन नगर स्थित ‘रॉक व्यू अपार्टमेंट’ के एक फ्लैट में की गई, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था.
यह पूरा सिंडिकेट बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था. फ्लैट को साइबर अपराध का अड्डा बनाकर यहां युवाओं को ठगी के नए-नए तरीके सिखाए जाते थे. जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड ‘निखिल भैया’ नामक व्यक्ति है, जो युवाओं को साइबर क्राइम की ट्रेनिंग देकर उन्हें इस अवैध धंधे में शामिल करता था. पुलिस को शक है कि वह लंबे समय से इस नेटवर्क को चला रहा था और अभी फरार है.
यह कार्रवाई 28 मई 2026 की रात करीब 8 बजे गुप्त सूचना के आधार पर की गई. सूचना मिलते ही डीएसपी सदर और गोंदा थाना प्रभारी अभय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने रॉक व्यू अपार्टमेंट में छापेमारी कर पांच युवकों को मौके से गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में साइबर फ्रॉड से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए.
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खोलते थे. इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से आए पैसों के लेनदेन में किया जाता था. आरोपी यह भी स्वीकार कर चुके हैं कि यह पूरा नेटवर्क मास्टरमाइंड निखिल भैया के निर्देश पर चलता था, जो उन्हें काम सिखाने के साथ-साथ टारगेट भी देता था.
गिरफ्तार आरोपियों में जामताड़ा, रामगढ़ और बोकारो जिले के युवक शामिल हैं. इनमें 24 वर्षीय काजल कुमार मंडल (जामताड़ा), 18 वर्षीय आनंद कुमार (रामगढ़), 23 वर्षीय बिक्की कुमार (बोकारो), 20 वर्षीय शाकिब अंसारी (रामगढ़) और 17 वर्षीय आरियन कुमार (रामगढ़) शामिल हैं.
पुलिस ने फ्लैट से भारी मात्रा में साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले सामान जब्त किए हैं. इनमें लगभग 50 बैंक पासबुक, 26 एटीएम कार्ड, 8 चेकबुक, 3 आधार कार्ड और 13 मोबाइल फोन शामिल हैं. कई मोबाइल लॉक अवस्था में मिले हैं, जिनकी जांच जारी है. फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी निखिल भैया की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे साइबर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है.