महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा आज: शाम 5 बजे खिंचेगा रथ, IPS और DSP के साथ 5 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा

महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा आज: शाम 5 बजे खिंचेगा रथ, IPS और DSP के साथ 5 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा

रांची (RANCHI): राजधानी रांची आज भगवान श्रीजगन्नाथ की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आएगी. ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर से आज विश्व प्रसिद्ध महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ होगा. भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा शाम 5 बजे मंदिर परिसर से मौसीबाड़ी के लिए रवाना होगी. इस ऐतिहासिक आयोजन के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाले पारंपरिक रथ मेले की भी शुरुआत हो गई है, जबकि 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा के साथ भगवान पुनः अपने मंदिर लौटेंगे.

रथयात्रा के दिन तड़के सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचने लगे. अहले सुबह भक्तों की कतार करीब दो किलोमीटर तक पहुंच गई. सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना और मंगल आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई. भगवान के 15 दिनों के एकांतवास के बाद बुधवार को पारंपरिक नेत्रोत्सव संपन्न हुआ, जिसके बाद भक्तों को श्रीविग्रहों के दर्शन का अवसर मिला. 108 दीपों की भव्य आरती के बीच भगवान को मालपुआ का भोग अर्पित किया गया. सुबह 5 बजे से शुरू हुआ दर्शन दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा.

शाम 5 बजे निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा
दोपहर 2 बजे दर्शन समाप्त होने के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को विधिवत रथ पर विराजमान कराया जाएगा. इसके बाद विशेष श्रृंगार, श्रीविष्णु लक्षार्चना और अष्टकम गीता पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे. शाम ठीक 5 बजे हजारों श्रद्धालुओं के जयघोष के बीच रथयात्रा शुरू होगी. भक्त स्वयं रथ खींचकर भगवान को मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 6 बजे रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा और रात्रि में 108 दीपों की मंगल आरती के बाद भगवान का शयन होगा.

रथ पर सीमित लोगों को ही सवार होने की अनुमति दी गई है. इनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, एक अन्य न्यायाधीश, दो विधायक, सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव और चार पुजारी शामिल रहेंगे. रथ के पहियों के आसपास भी केवल अधिकृत कर्मियों को ही रहने की अनुमति होगी.

लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है. रथयात्रा मार्ग और मेला क्षेत्र में 6 आईपीएस अधिकारी, 4 से अधिक डीएसपी और 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. महिला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, दंगा नियंत्रण बल और सादे लिबास में जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. पूरे आयोजन क्षेत्र की निगरानी के लिए करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि चार ड्रोन से लगातार हवाई निगरानी की जाएगी. कंट्रोल रूम से 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग होगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. आयोजन समिति ने भी अतिरिक्त निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं.

25 जुलाई तक बदले रहेंगे ट्रैफिक नियम
रथयात्रा और मेले के दौरान 25 जुलाई तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी. बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शहीद मैदान, जबकि तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वालों के लिए प्रभात तारा मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है. तिरिल मोड़ हेलिपैड को भी पार्किंग स्थल बनाया गया है. मेला क्षेत्र में कई मार्गों पर कार, ऑटो, बाइक और अन्य सवारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. बिरसा चौक, सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक समेत विभिन्न स्थानों से वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े.

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, भीड़ प्रबंधन में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल पुलिस को दें. प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं ताकि यह ऐतिहासिक रथयात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.