JSSC-CGL विवाद: अभय तिवारी की पत्नी और भाई की जमानत पर अब 9 सितंबर को होगी सुनवाई

JSSC CGL केस में सुषमा देवी और अक्षय तिवारी की जमानत पर 9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, CID ने दोनों की जमानत का विरोध किया.

JSSC-CGL विवाद: अभय तिवारी की पत्नी और भाई की जमानत पर अब 9 सितंबर को होगी सुनवाई

रांची (RANCHI): JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में जेल में बंद अभय तिवारी की पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर गुरुवार को सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान जांच एजेंसी की ओर से सरकारी अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष ने दोनों आरोपियों की ओर से जमानत दिए जाने की मांग की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख तय की है.

सीआईडी के अनुसार, JSSC CGL परीक्षा में अनियमितता को लेकर दर्ज कांड संख्या 1/2025 की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं. इसी जांच के आधार पर अभय तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी को आरोपी बनाया गया है. मामले में सीआईडी ने अभय तिवारी को जुलाई महीने में गिरफ्तार किया था. इसके बाद अगस्त में उसकी पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया.

जांच एजेंसी की ओर से अभय तिवारी को इस पूरे प्रकरण का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है. सीआईडी अब परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है. जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका, उनके बीच संपर्क और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है.

गुरुवार को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष दोनों आरोपियों को जमानत देने के पक्ष में दलीलें रखीं. वहीं सीआईडी ने जमानत का विरोध करते हुए जांच से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा. फिलहाल कोर्ट ने अंतिम फैसला नहीं सुनाया है. अब 9 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनी जाएंगी. इसके बाद अदालत सुषमा देवी और अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर आगे फैसला ले सकती है.