JPSC SCAM: तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते को कोर्ट से झटका,जमानत देने से किया इनकार,याचिका खारिज
झारखंड लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते को सीआईडी की विशेष अदालत से झटका लगा है. कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाया है. अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद याचिका रद्द करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया
रांची(RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते को सीआईडी की विशेष अदालत से झटका लगा है. कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाया है. अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद याचिका रद्द करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया.जमानत याचिका पर सुनवाई दो सितंबर को पूरी हुई थी. जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था अब शनिवार को सीआईडी की अदालत ने फैसला सुनाया. जिसमें उन्हे झटका लगा है. अब एल. ख्यांगते ऊपरी अदालत का रुख कर सकते है. जहां जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे.
दरअसल सीआईडी ने 14वीं JPSC घोटाले में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते को 10 अगस्त को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. गिरफ़्तारी के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा चुकी है. जिसमें सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े सवाल का जवाब एजेंसी तलाश रही है. लेकिन इस पूछताछ में कई सवालों का जवाब एल. ख्यांगते ने साफ नहीं दिया है. यही वजह है कि अब कोर्ट में सीआईडी की ओर से दलील दी गई की केस का अनुसंधान जारी है. ऐसे में इन्हे जमानत मिलने से केस प्रभावित हो सकता है. अभी ट्रायल के दौरान इनसे कई सवालों का जवाब भी जानना है.
सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि एल. ख्यांगते की भूमिका पूरे परीक्षा गड़बड़ी में अहम मानी जा रही है. पैसे के लेन देन से लेकर नियुक्ति तक कई ऐसी कड़ी है जो तत्कालीन अध्यक्ष की ओर इशारा कर रही है. साथ ही कई साक्ष्य और दस्तावेज है. जिसमें पद का दुरुपयोग कर उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी की है.
वहीं एल. ख्यांगते के अधिवक्ता ने दलील दी है कि सीआईडी की जांच में ऐसा कुछ नहीं है. हलाकी मामला ट्रायल में है. सीआईडी की टीम उनके आवास पर भी छापेमारी कर चुकी है. लेकिन कही भी कोई दस्तावेज नहीं मिला है. जो सीधे एल. ख्यांगते को आरोपी बताता हो.
लेकिन दोनों पक्ष की दलील को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया है. अब एल. ख्यांगते के अधिवक्ता ऊपरी अदालत में याचिका दायर कर सकते है.