JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: 19वें दिन भी छात्रों का धरना जारी, सीएम से सीधी वार्ता की मांग
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन 19वें दिन भी जारी रहा. छात्रों ने सरकार से सीधी वार्ता, निष्पक्ष जांच और प्रभावित परीक्षाओं पर ठोस निर्णय की मांग की है.
रांची (RANCHI): JPSC-JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर स्टेडियम परिसर में डटे हुए हैं. कई अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. प्रशासन की ओर से आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता रवींद्र पासवान ने सरकार से सीधे संवाद की अपील की है. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन का यह 19वां दिन है और छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं. पासवान ने मुख्यमंत्री से स्वयं पहल करते हुए आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत करने की मांग की. उनका कहना है कि छात्र मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपनी प्रमुख मांगों पर सीधी वार्ता करना चाहते हैं. आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि सरकार युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए इस मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करेगी और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी.
वहीं, आंदोलन स्थल पर पहुंचकर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों से स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की. हालांकि, छात्रों ने प्रशासन के आग्रह को स्वीकार नहीं किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए बिना आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा. छात्रों की मांग है कि प्रभावित परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और जरूरत पड़ने पर पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए. उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से वर्षों से तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है.