JPSC केस: बेल पर सुनवाई के दौरान CID का बड़ा खुलासा, श्वेता गुप्ता पर WhatsApp से Answer Key लीक करने का आरोप
JPSC कथित परीक्षा गड़बड़ी मामले में श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई. CID ने WhatsApp के जरिए Answer Key साझा करने का आरोप लगाया है.
रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितता से जुड़े मामले में जेल में बंद JPSC की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. श्वेता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने अदालत में पक्ष रखा.
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी CID की ओर से श्वेता गुप्ता की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप पेश किए गए. CID का आरोप है कि परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और Answer Key को WhatsApp के माध्यम से साझा किए जाने में श्वेता गुप्ता की भूमिका रही है. जांच एजेंसी ने कथित तौर पर अदालत के सामने यह भी बताया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी गोपनीय सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया से बाहर जाकर साझा किए जाने की आशंका है. हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत के स्तर पर होना बाकी है.
मामला CID द्वारा दर्ज कांड संख्या 16/2026 से जुड़ा है. JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने 22 जुलाई को आयोग की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. पूछताछ के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. अब उनकी ओर से अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई थी.
CID की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. इस मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है. इनमें परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका, गोपनीय दस्तावेजों की कथित आवाजाही और अभ्यर्थियों तक परीक्षा से संबंधित सामग्री पहुंचने के आरोप शामिल हैं. श्वेता गुप्ता की भूमिका को लेकर भी जांच एजेंसी लगातार सवाल उठा रही है. CID के अनुसार, दूसरे विभाग में तबादला होने के बावजूद श्वेता गुप्ता JPSC में ही बनी हुई थीं. जांच एजेंसी इस अवधि के दौरान उनकी भूमिका और आयोग की परीक्षा प्रक्रिया से उनके जुड़े रहने के पहलुओं की भी जांच कर रही है. इसी दौरान Answer Key को WhatsApp के जरिए कथित तौर पर साझा किए जाने का आरोप सामने आया है.
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने श्वेता गुप्ता की ओर से अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं. वहीं, CID ने मामले की जांच, आरोपों और श्वेता गुप्ता की कथित भूमिका का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा. दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अब सभी की नजरें अदालत के आदेश पर टिकी हैं. JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी का यह मामला सामने आने के बाद आयोग की परीक्षा व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं. जांच एजेंसी की कार्रवाई के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों और संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला जारी है. हालांकि, जांच में सामने आ रहे आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है. श्वेता गुप्ता पर लगाए गए WhatsApp के जरिए Answer Key साझा करने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं और अदालत के अंतिम आदेश के बाद ही उनकी कानूनी स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी.