झारखंड छात्र आंदोलन : भाजपा क्यों चाहती है कि आंदोलन की गूंज दिल्ली में मजबूती से पहुंचे,जंतर -मंतर और रांची में क्या अंतर

झारखंड छात्र आंदोलन : भाजपा क्यों चाहती है कि आंदोलन की गूंज दिल्ली में मजबूती से पहुंचे,जंतर -मंतर और रांची में क्या अंतर

tnp desk: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा और ताबड़तोड़ एक्शन के बाद भी छात्र आंदोलन पर डटे हुए है. छात्रों का विश्वास जितना सरकार के लिए परेशानी बनती जा रही है.  वह कह रहे हैं कि बिना मांग  पूरा हुए वह आंदोलन समाप्त नहीं करेंगें  ,इस बीच सरकार लगातार आंदोलन खत्म करने के लिए उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है.  मंगलवार की देर रात को रांची जिला प्रशासन के अधिकारी  छात्रों से मिले, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. छात्र अपनी मांगों पर डटे हुए है.  मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन के विधानसभा में घोषणा के बावजूद छात्र अडिग  हैं.  

इस बीच बुधवार को झारखंड में छात्रों के आंदोलन की गूंज दिल्ली में सुनाई दी.  आज छात्र आंदोलन का 19वां दिन है.  छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे हैं.  बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड के छात्रों पर लाठी चार्ज के विरोध में और राहुल गांधी एवं कांग्रेस की चुप्पी  को लेकर संसद भवन परिसर नई दिल्ली के मकर द्वार पर झारखंड  के सांसदों के साथ प्रदर्शन किया।  भाजपा के सांसद लगातार कांग्रेस पर भी निशाना  साध  रहे हैं.  झारखंड सरकार भी चाहती है कि आंदोलन खत्म हो जाए, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े  हुए हैं.  सरकार पर तीखा हमला बोल रहे हैं.  

लाठी चार्ज के बाद भी छात्रों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है.  छात्र आंदोलन को सपोर्ट भी मिल रहा है.  इस बीच मंगलवार को भाजपा ने छात्रों पर लाठी चार्ज के खिलाफ झारखंड बंद  का आह्वान किया था.  यह अलग बात है कि छात्र अपने आंदोलन को किसी भी राजनीतिक दल का मंच बनने  नहीं देना चाह रहे हैं.  ऐसा  कर भी रहे है.  मुख्यमंत्री ने कहा था कि छात्रों की बात सिर्फ छात्रों से होगी. अब छात्र कह रहे हैं कि वह सीधी बात मुख्यमंत्री से करेंगें।  मंत्रियों की समिति से उनकी कोई बात नहीं होगी. इस बीच दिल्ली में भी झारखंड के छात्रों की गूंज  बढ़ती जा रही है.  जंतर -मंतर के आंदोलन को लेकर झारखंड में चल रहे आंदोलन पर भाजपा कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने  की कोशिश कर रही है. 

 हालांकि राहुल गांधी कह  चुके हैं कि छात्रों के साथ कोई अन्याय  बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार चाहे बीजेपी की हो अथवा कांग्रेस की या अन्य किसी की ,सरकारों को छात्रों की बात सुननी  चाहिए. इधर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल से भाजपा के युवा मोर्चा के लोगों को ट्रकों में भरकर झारखंड भेजा जा रहा है.  पार्टी का कहना है कि छात्रों के अहिंसक आंदोलन को  अलग रंग देने का प्रयास किया जा रहा है.  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स  पर कहा है कि झारखंड के आंदोलन में फर्जी भीड़ भेज उसे बड़ा दिखाने की कोशिश की जा रही है, ताकि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्र के खिलाफ जन आक्रोश को कम किया जा सके. 

 दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि झारखंड में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर राहुल गांधी की चुप्पी  खास तौर पर ध्यान खींचने वाली है.  क्योंकि कांग्रेस राज्य में सत्ता  गठबंधन का हिस्सा है.  वह भाजपा मुख्यालय में मंगलवार को मीडिया से बात कर रहे थे.  इधर, झारखंड में छात्र आंदोलन पर हो रहे हंगामे  के कारण विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित अवधि से एक दिन पहले मंगलवार को ही अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया गया.  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सत्र के अंतिम दिन कहा कि  सरकार 14वीं सिविल सेवा पीटी  और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने को तैयार है.  टीडीपीएल द्वारा ली गई परीक्षाओं की जांच होगी।  जिन  परीक्षाओं पर विवाद है, सब की जांच होगी।  रिफॉर्म का काम चल रहा है. परीक्षा में सुधार के लिए सरकार आईआईटी आईएसएम जैसे संस्थानों से मदद ली जाएगी.