झारखंड SIR: ERO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं, अब ऑनलाइन होगी सुनवाई
Jharkhand SIR 2026 में अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मतदाताओं की सुनवाई अब सामान्यतः ऑनलाइन होगी. BLO घर जाकर दस्तावेज लेकर ECINet पर अपलोड करेंगे.
Jharkhand SIR 2026 में अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मतदाताओं की सुनवाई अब सामान्यतः ऑनलाइन होगी. BLO घर जाकर दस्तावेज लेकर ECINet पर अपलोड करेंगे.
रांची (RANCHI): झारखंड में SIR की प्रक्रिया के बीच मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के SIR से जुड़े अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर निर्देश दिया कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ERO कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी. अनमैप्ड या लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर BLO पहुंचकर जरूरी दस्तावेज प्राप्त करेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे. इसके आधार पर ERO नियमानुसार मामले पर निर्णय लेंगे. तकनीकी रूप से कमजोर BLO को दस्तावेज अपलोड करने में सहायता देने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को स्वयंसेवकों और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा गया है.
के. रवि कुमार ने कहा कि सामान्य तौर पर अनमैप्ड अथवा लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए ERO/AERO कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी. केवल असाधारण परिस्थितियों में ERO के निर्णय के अनुसार सुनवाई होगी और इसे भी ऑनलाइन माध्यम से कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है. साथ ही, जिन मतदाताओं को पहले से निर्धारित सुनवाई स्थल पर पहुंचने की सूचना दी जा चुकी है और वे वहां पहुंचते हैं, तो संबंधित अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी मतदाता को सुनवाई के लिए पहुंचने पर संबंधित अधिकारी के नहीं मिलने की स्थिति नहीं होनी चाहिए.
बैठक में जिलों को रात्रि आश्रय स्थलों, श्रमिकों, गरीबों, बेघर और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क व विशेष शिविर लगाने का निर्देश भी दिया गया. जहां सुनवाई पूरी हो चुकी है, वहां कैंप मोड में डिजिटाइजेशन का काम तेज करने को कहा गया. साथ ही फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं को जोड़ने तथा प्राप्त फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 के आवेदनों के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. के. रवि कुमार ने अधिकारियों से प्रत्येक मामले में स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश पारित करने को कहा. उन्होंने कहा कि पात्रता तय करते समय भारतीय नागरिकता, 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु और संबंधित क्षेत्र में सामान्य निवास की शर्तों को ध्यान में रखा जाए. निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो.