झारखंड SIR: अब तक 3.89 प्रतिशत बढ़े नए मतदाता, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से सहयोग की अपील

झारखंड SIR के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को फॉर्म-6 के आवेदनों के डिजिटाइजेशन और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने का निर्देश दिया है.

झारखंड SIR: अब तक 3.89 प्रतिशत बढ़े नए मतदाता, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से सहयोग की अपील

रांची(RANCHI): झारखंड SIR के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को फॉर्म-6 के आवेदनों के डिजिटाइजेशन और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक सूची में नाम जुड़वाने से बाकी नहीं रहना चाहिए.

2.21 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज

झारखंड के 31,892 मतदान केंद्रों के लिए प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं. अब तक फॉर्म-6 के 8,59,162 आवेदन मिले हैं. इनके आधार पर नए मतदाताओं की संख्या में 3.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है. प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 27 आवेदन मिले हैं. निर्वाचन विभाग के अनुसार, पिछले पुनरीक्षण के बाद करीब दो साल बीतने के बावजूद मतदाता सूची में वृद्धि अपेक्षित आठ प्रतिशत से कम है.

कोडरमा में सबसे अधिक, पाकुड़ में सबसे कम बढ़त 

जिलावार आंकड़ों में कोडरमा 5.80 प्रतिशत CCCके साथ सबसे आगे है. इसके बाद पलामू में 4.86, पश्चिमी सिंहभूम में 4.85, खूंटी में 4.38 और सिमडेगा में 4.35 प्रतिशत बढ़त दर्ज की गई. वहीं, पाकुड़ में 2.85, जामताड़ा में 2.87 और देवघर में 2.89 प्रतिशत बढ़त हुई.

विधानसभा क्षेत्रों में धनबाद 6.18 प्रतिशत बढ़त के साथ पहले स्थान पर है, जबकि चंदनकियारी में सबसे कम 2.56 प्रतिशत बढ़त दर्ज की गई.

युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर

के. रवि कुमार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सहयोग से पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक करने को कहा है. साथ ही, BLO सुपरवाइजरों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के काम की नियमित समीक्षा करने और हर बूथ पर प्रतिदिन कम से कम दो नए फॉर्म-6 का डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण में पात्र नागरिकों को शामिल करने के साथ मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना और अपात्र व्यक्तियों के नाम शामिल होने से रोकना भी जरूरी है.